राजस्थान हाईकोर्ट परिसर में चलाई जा रही कैंटीनों और दुकानों पर सोमवार को अतिरिक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त पंकज ओझा के नेतृत्व में छापा मारा। टीम को परिसर में चलाई जा रही सरकारी कैंटीन और दुकानों पर सड़े-गले आलू-प्याज, एक्सपायरी डेट के मसाले, जंग लगी हुई मसालादानी के साथ ही बेसन में पड़ी हुई इल्लियां और खाना बनाने वाली जगह के आसपास जबरदस्त गंदगी देखने को मिली।
अतिरिक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त पंकज ओझा ने बताया कि ये सभी कैंटीन बिना खाद्य लाइसेंस के संचालित हो रही थीं। कार्रवाई के दौरान आसपास मौजूद लोग आश्चर्यचकित रह गए कि वह इतने दिनों से ऐसी चीजों का सेवन कर रहे थे। कार्रवाई में दुकान नंबर 15, 12 और 9, सरस डेयरी बूथ नंबर 181, दुकान नंबर 21, 19, 17 और 8 का निरीक्षण किया गया, जिसमें खाद्य सामग्री बेची जा रही थी। सभी के फ्रिज में खतरनाक ब्लैक फंगस लगी हुई पाई गई तथा मसाले के पैकेट एक्सपायरी पाए गए इसके अतिरिक्त जंग लगे हुए डिब्बे भी पाए गए जिनमें मसाला अन्य सामग्री रखी हुई थी।
गंदगी और लापरवाही का आलम यह था कि एक दुकान से कोरोना काल की नमकीन तक बरामद हुई है। मुख्य रूप से मेसर्स गिरधर गोपाल एंटरप्राइजेज ई ब्लॉक की रसोई में भारी मात्रा में गंदगी पाई गई। सरकारी कर्मचारी कैंटीन पर भी फूड लाइसेंस नहीं पाया गया, यहां भी जंग लगे पीपे और भयंकर गंदी मसालादानी मिली। लगभग सभी जगहों पर हाइजीन और सेनिटेशन की स्थिति बहुत ही दयनीय पाई गई।
अतिरिक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त पंकज ओझा ने कहा है कि फिलहाल इन ऑपरेटरों को वैध लाइसेंस प्राप्त होने तक उच्च न्यायालय परिसर में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है और यहां से लिए गए खाने की चीजों को जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद इनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।