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पंचायत-निकाय चुनाव अवमानना मामला: राज्य निर्वाचन आयोग ने हाईकोर्ट से मांगी बिना शर्त माफी

Tue, 26 May 2026 09:49 AM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

पंचायत और निकाय चुनाव में देरी से जुड़े अवमानना मामले में राज्य चुनाव आयोग ने हाईकोर्ट में जवाब दाखिल कर बिना शर्त माफी मांगी है। आयोग ने कहा कि अदालत के आदेशों की जानबूझकर अवहेलना नहीं की गई और कोर्ट के प्रति पूरा सम्मान है।

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राजस्थान हाईकोर्ट, जयपुर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पंचायत और निकाय चुनाव में देरी को लेकर पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की ओर से दायर अवमानना याचिका मामले में राज्य चुनाव आयोग ने आज  हाईकोर्ट में जवाब पेश करते हुए बिना शर्त माफी मांग ली। जस्टिस महेंद्र कुमार गोयल और जस्टिस अनिल कुमार उपमन की खंडपीठ ने आज इस याचिका पर सुनवाई की।

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आयोग की ओर से पेश किए गए जवाब में बिना शर्त माफी मांगते हुए कहा गया है कि उनका कभी भी कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने का इरादा नहीं रहा। वहीं राज्य सरकार की ओर से पेश हुए महाधिवक्ता ने हाई कोर्ट से कहा कि पंचायत व निकाय चुनाव मामले में हाइकोर्ट की खंडपीठ पहले ही 31 जुलाई तक चुनाव करवाने का फैसला सुना चुकी है इसलिए अब यह याचिका निष्प्रभावी हो गई है। हाईकोर्ट ने इस स्वीकर कर लिया। 
आयोग की ओर से  हाईकोर्ट में दायर जवाब में कहा गया है कि संबंधित अधिकारी कानून का पालन करने वाला जिम्मेदार अधिकारी है और उसे अदालत तथा कानून की सर्वोच्चता पर पूरा सम्मान है। जवाब में यह भी कहा गया कि अधिकारी ने कभी ऐसा कोई कदम नहीं उठाया और न ही जानबूझकर उठाएगा, जिससे हाईकोर्ट या किसी अन्य अदालत के आदेशों का उल्लंघन हो।
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जवाब में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंचती है कि अधिकारी से ऐसा कोई कार्य हुआ है, जो अदालत के निर्देशों के अनुरूप नहीं था, तो उसे क्षमा किया जाए। साथ ही अधिकारी ने दोहराया कि उनकी ओर से किसी प्रकार की जानबूझकर अवमानना नहीं की गई है।
गौरतलब है कि  मामले में पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग और राज्य चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह को अवमानना नोटिस जारी किए थे। अदालत ने चुनाव आयोग से पूछा था कि हाईकोर्ट द्वारा तय समय सीमा के बावजूद निकाय चुनाव के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम देरी से क्यों जारी किया गया।

इस बीच पिछले शुक्रवार को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग की ओर से चुनाव टालने की मांग खारिज कर दी थी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव 31 जुलाई तक हर हाल में पूरे कराने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने साफ कहा था कि संवैधानिक संस्थाओं के चुनाव अनिश्चितकाल तक टाले नहीं जा सकते।

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