विधानसभा में सोए कांग्रेसी विधायक
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कांग्रेस विधायकों के निलंबन ने सत्ता पक्ष और कांग्रेस के बीच विवाद को और ज्यादा भड़का दिया है। विधायकों को निलंबित किए जाने के विरोध में कांग्रेस के शेष विधायक अब विधानसभा में ही धरने पर बैठ गए हैं। शुक्रवार रात सभी कांग्रेसी विधायक सदन में ही सोए। वहीं आज से कांग्रेस इस निलंबन आदेश के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन भी शुरू करने जा रही है। इसके तहत शनिवार को सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध-प्रदर्शन किए जाएंगे।
सोमवार को बवाल तय
सोमवार को सदन की कार्रवाई फिर से शुरू होनी है। नियमानुसार जिन 6 कांग्रेसी विधायकों का निलंबन हो चुका है, उन्हें अब सदन से बाहर जाना है लेकिन कांग्रेस विधायकों ने सदन में ही डेरा डाल दिया है। शुक्रवार को भी निलंबित कांग्रेस विधायकों को सदन से निकालने के लिए स्पीकर ने मार्शल बुला लिए थे। इसके बाद मार्शल और कांग्रेस विधायकों के बीच जबरदस्त भिंड़त भी हुई। ऐसे में अब सोमवार को सदन की कार्रवाई शुरू होते ही निलंबत कांग्रेस विधायकों को सदन से बाहर निकालने के लिए जोर-आजमाइश का दौर फिर से चल सकता है।
माफी पर अड़े दोनों पक्ष
पूरा विवाद बस एक माफी की बात पर ही खड़ा हुआ है। सत्ता पक्ष और स्पीकर की तरफ से यह मांग की गई है कि कांग्रेस विधायकों ने जो कृत्य किया उसके लिए माफी मांगें। वहीं कांग्रेस विधायक इस बात पर अड़े हैं कि उनकी कोई गलती नहीं है, माफी सरकार के मंत्री अविनाश गहलोत को मांगनी होगी।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सहित ये 6 विधायक हुए निलंबित
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित, विधायक जाकिर हुसैन गेसावत, संजय जाटव, रामकेश मीणा, अमीन कागजी और हाकम अली खान को शेष बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया है।
यह था विवाद
सुबह प्रश्नकाल के दौरान पूर्व पीएम इंदिरा गांधी को लेकर की गई टिप्पणी के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया था। इसके बाद 3 बार सदन की कार्रवाई स्थगित की गई। शाम 4 बजे स्पीकर ने सत्ता पक्ष के प्रस्ताव के बाद आसन के समक्ष अशोभनीय व्यवहार के आरोप में विपक्ष के छह विधायकों को निलंबित कर दिया।