राज्यपाल ने कहा- आज ऑफिसों में आधी संख्या महिलाओं की है और आधी पुरुषों की। लेकिन, जिस तरह से छात्राएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। इससे ऐसा लगता है कि आने वाले समय में सभी ऑफिसों में महिलाओं की संख्या ज्यादा होगी। तो हमारा क्या होगा?
राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि पहले जब वे 18-20 साल के थे तब सरकारी कार्यालयों में पुरुष ही पुरुष दिखाई देते थे, लेकिन अब स्थितियां पूरी तरह बदल गई हैं। इस दौरान उन्होंने एक स्कूल का किस्सा भी सुनाया।
विज्ञापन
राज्यपाल बागड़े ने कहा- एक 5वीं तक के स्कूल में सभी कर्मचारी महिलाएं थीं। केवल एक पुरुष था, जो साफ-सफाई का काम करता था। एक दिन स्कूल में सांप आ गया। सभी महिलाएं चिल्लाने लगीं- पुरुष को बुलाओ, पुरुष को बुलाओ। मजे की बात यह कि वह पुरुष कर्मचारी भी यही चिल्ला रहा था- पुरुष को बुलाओ, पुरुष को बुलाओ। मैं विनती करता हूं कि ऐसी स्थिति न आए।
राज्यपाल ने कहा- आज ऑफिसों में आधी संख्या महिलाओं की है और आधी पुरुषों की। लेकिन, जिस तरह से छात्राएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। इससे ऐसा लगता है कि आने वाले समय में सभी ऑफिसों में महिलाओं की संख्या ज्यादा होगी। तो हमारा क्या होगा? दरअसल, राज्यपाल गुरुवार को कृषि विश्वविद्यालय, कोटा के 8वें दीक्षांत समारोह में संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान उन्होंने कहा कि यह अत्यधिक प्रसन्नता का विषय है कि कुल 343 डिग्रीधारकों में से 140 छात्राओं ने डिग्री प्राप्त की है। कुल 14 स्वर्ण पदकों में से 9 स्वर्ण पदक छात्राओं को प्राप्त हुए हैं, जो लगभग 64 प्रतिशत है। कुलाधिपति और कुलगुरु पदक भी हमारी बेटियों ने प्राप्त किए हैं जो दर्शाता है कि छात्राएं आज हर क्षेत्र में आगे हैं।