कांग्रेस करेगी विरोध प्रदर्शन।
- फोटो : अमर उजाला
आने वाले कुछ महीने राजस्थान में सियासी पारा चरम पर होगा। जिले खत्म करने के सरकार के फैसले के विरोध में कांग्रेस सड़क पर उतर गई है। सीकर से गुरुवार को इसकी शुरुआत हो चुकी है। यह विरोध सदन तक भी गूंजेगा। कांग्रेस प्रदेश भर में बड़े आंदोलन की तैयारी कर चुकी है। जल्द ही सरकार विधानसभा का बजट सत्र भी बुलाएगी। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सदन में जबरदस्त विरोध दर्ज करवाना चाहती है। इस लिहाज से यह बजट सत्र भी सरकार के लिए आसान नहीं होगा।
संघर्ष समितियों का होगा गठन
पहले कांग्रेस खत्म करने वाले जिलों और संभाग मुख्यालयों पर बैठकों का आय़ोजन करके आंदोलन की रूपरेखा बनाएगी। फिर संघर्ष समितियों का गठन होगा। आखिर में राजधानी जयपुर में बड़ा प्रदर्शन होगा। विधानसभा में भी कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर जमकर विरोध करेगी।
सीकर से हुई शुरुआत
सरकार के जिले और संभाग समाप्त करने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस सड़कों पर उतर गई है। शुरुआत सीकर में पहली बैठक आयोजित करके हो चुकी है। जल्द ही अन्य समाप्त करने वाले जिलों और संभाग मुख्यालयों पर कांग्रेस बैठक करते हुए आंदोलन की रणनीति का खाका तैयार करेंगे।
फैसले के विरोध में क्या होगा?
- समाप्त किए गए जिलों और संभाग मुख्यालयों पर कांग्रेस का प्रदर्शन होगा।
- शुरुआत में कांग्रेस पहले स्थानीय स्तर पर चलाएगी आंदोलन। इसके बाद आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
- सीकर में पहली बैठक से इसकी शुरुआत कर दी गई है। आंदोलन को तेज करने के लिए जल्द संघर्ष समितियों का किया गठन होगा। इसमें कांग्रेस व्यापार और अन्य सामाजिक संगठनों को भी साथ लेगी।
- पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा हर जिले में जाकर बैठकें लेंगे और आखिर में जयपुर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।