राजस्थान पुलिस की इंटेलिजेंस विंग ने कुछ दिन पहले जैसलमेर से जिस शकूर खान को हिरासत में लिया था। अब उसे गिरफ्तार कर लिया है। उसके ऊपर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का आरोप है। शकूर खान ने पूछताछ में खुलासा किया है वो पाकिस्तान दूतावास के अफसरों के संपर्क में था। वहां से उसे जानकारी मांगी जाती थी। शकूर ने जिन अफसरों के नाम बताए हैं उनमें पाकिस्तान दूतावास में कार्यरत अहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश और सोहेल कमर मुख्य हैं। ये वही दानिश है जो ज्योति मल्होत्रा के साथ संपर्क में था।
शकूर खान रोजगार कार्यालय में सहायक प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत था। महानिरीक्षक पुलिस, सीआईडी (सुरक्षा) श्री विष्णुकांत गुप्ता के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में और भी खुलासे होना बाकी हैं। शकूर खान जैसलमेर के मांगलिया की ढाणी में रहता था। पिछले कुछ समय से उसकी गतिविधियां संदिग्ध पाई जा रही थीं। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उस पर नजर रखनी शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि शकूर का पाकिस्तान दूतावास में कार्यरत अहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश और सोहेल कमर से संपर्क में था, वह कई बार पाकिस्तान दूतावास भी आया था। वहां इन लोगों से उसकी मुलाकात हुई थी। शकूर 2008 में पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता सालेह मोहम्मद के निजी सहायक के तौर पर भी काम कर चुका है। उस वक्त सालेह मोहम्मद पोकरण से विधायक थे।
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सिर्फ इतना ही नहीं दानिश की मदद से शकूर ने कई बार पाकिस्तान का वीजा भी प्राप्त किया और वहां की यात्रा की। पाकिस्तान प्रवास के दौरान उसका संपर्क आईएसआई एजेंटों से भी हुआ। जांच में यह भी सामने आया है कि वह व्हाट्स एप जैसे माध्यमों से भारत की सामरिक महत्व की सूचनाएं पाकिस्तान भेज रहा था। इस गंभीर प्रकरण में शकूर खान के खिलाफ शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले में आगे की जांच कर रही हैं और संभावना जताई जा रही है कि इसमें और भी लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है।