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Rajasthan Election: अगर बीजेपी जीती तो कौन होगा राजस्थान का मुख्यमंत्री? शाह ने दिया जवाब, कांग्रेस पर भी बरसे

Thu, 23 Nov 2023 05:40 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Rajasthan Election 2023: राजस्थान में चुनाव प्रचार के आखिरी दिन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर हमलावर नजर आए। शाह ने कहा, गहलोत सरकार में तुष्टीकरण की राजनीति चरम पर है। राजस्थान सरकार ने वोट बैंक की राजनीति के कारण दंगाइयों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
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अमित शाह सहित अन्य बीजेपी नेता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार को राजधानी जयपुर में प्रेस वार्ता की। इस दौरान अमित शाह ने कहा, राजस्थान के हर कोने में जनता ने परिवर्तन का मूड बनाया है। मैंने पूरे राजस्थान का दौरा किया है और विश्वास के साथ कहना चाहता हूं कि राजस्थान में अगली सरकार भारतीय जनता पार्टी की बन रही है। हर क्षेत्र में विफल और नाकाम कांग्रेस सरकार को विदाई देने के लिए राजस्थान के लोगों ने अपना मन बना लिया है।

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गृहमंत्री शाह ने कहा, राजस्थान ने हमेशा मोदी जी के साथ खड़ा रहकर भारतीय जनता पार्टी का समर्थन किया है और 2019 दोनों चुनावों में सभी की सभी सीटें भाजपा के खाते में देकर राजस्थान की जनता ने हमेशा मोदी जी को अपना समर्थन दिया है। राजस्थान में सीएम कौन होगा? जब यह प्रश्न शाह से पूछा गया तो उन्होंने साफगोई तरीके से कह डाला कि चुनाव के बाद विधायक दल की बैठक में सीएम का नाम तय होगा और फिर पार्लियामेंट्री बोर्ड सीएम की घोषणा करेगा।

'बीजेपी ने चार गुना पैसा राजस्थान को दिया'
जब केंद्र में आपकी (कांग्रेस) सरकार थी तो आपने क्या किया? 10 साल में दो लाख करोड़ रुपया राजस्थान को दिया। इसके साथ-साथ सात लाख करोड़ रुपये के काम केंद्रीय प्रोजेक्ट के रूप में किए हैं। जैसे नेशनल हाइवे, रेलवे स्टेशनों का अपग्रेडेशन, नई रेलवे लाइन बिछाई, छह हजार करोड़ से कोटा में नया ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा बनाने जैसे काम किए हैं। इसके अलावा पांच करोड़ लोगों को किसान सम्मान निधि, आयुष्मान योजना और पीएम आवास योजना का लाभ दिया है।
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अमित शाह ने कहा, बीते पांच साल में दो लाख से ज्यादा महिलाओं पर अत्याचार के मामले दर्ज हुए हैं। 35 हजार से ज्यादा दुष्कर्म की घटनाएं हुईं। 15 हजार से ज्यादा कम उम्र की बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं हुईं। प्रतिदिन 19 दुष्कर्म के मामले राजस्थान में सामने आए हैं। शाह ने कहा, तुष्टीकरण की राजनीति के चलते यहां आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती। सालासर में राम दरबार पर बुलडोजर चलाया, अलवर में शिवलिंग को ड्रिलिंग मशीन से तोड़ दिया, कठूमर में गौशाला पर बुलडोजर घुमा दिया, राजस्थान में ऐसे तुष्टीकरण के कई मामले देखने को मिले हैं। गहलोत सरकार में तुष्टीकरण की राजनीति चरम सीमा पर है। पांच साल में छबड़ा, भीलवाड़ा, करौली, जोधपुर, चित्तौड़गढ़, नोहर, मेवात, मालपुरा और जयपुर में सुनियोजित दंगे हुए हैं। वोट बैंक पॉलिटिक्स के कारण गहलोत सरकार ने दंगाइयों पर कोई ठोक कार्रवाई नहीं की।

गृहमंत्री शाह ने कहा कि जनता जादूगर बनकर गहलोत को गायब कर देगी। राजस्थान में युवा, किसान, महिलाएं सभी गहलोत सरकार से त्रस्त हैं। जब मैंने राजस्थान में प्रचार शुरू किया तो कुछ नेताओं ने कहा था कि सोच समझकर रणनीति बनाइएगा। गहलोत साहब जादूगर हैं। लेकिन मैं आपको बता दूं कि जनता ने परिवर्तन का मूड बना लिया है। तीन दिसंबर को सारे रिकॉर्ड तोड़कर बीजेपी की सरकार बनने जा रही है। किसान अब कांग्रेस के खिलाफ लामबंद होकर बीजेपी के साथ खड़े हैं। क्योंकि कांग्रेस सरकार ने बीते पांच साल में पांच प्रतिशत किसानों का भी कर्ज माफ नहीं किया है।

अमित शाह बोले कि भर्तियों में पेपर लीक के मामलों ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। राजस्थान में 15 से अधिक मामले पेपर लीक के मामले आए हैं, ऐसा देश में कहीं नहीं हुआ है। इसलिए जनता ने मन बना लिया है कि इस बार जनता जादूगर बनकर कांग्रेस सरकार को गायब कर देने वाली है। शाह ने पीसी में कांग्रेस से पूछा कि ये सभी स्कीमें अंतिम छह महीने में ही क्यों चलाई गईं। जब उन्हें दिखने लगा कि वो सत्ता से जा रहे हैं तो जनता के लिए स्कीमें निकालने लगे। पांच साल तक आपने ये सब क्यों नहीं किया? शाह ने कांग्रेस की सात गारंटियों से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, जिसकी खुद की 'गारंटी' न हो उस पर जनता क्या विश्वास करेगी। गहलोत की कोई गारंटी नहीं है। गहलोत का एकमात्र मकसद अपने बेटे वैभव गहलोत को सीएम बनाना है। राजस्थान के हर कोने में इस बार कांग्रेस हार रही है, भारतीय जनता पार्टी जीत रही है।

 

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