राजस्थान विधानसभा चुनावों में बसेड़ी विधानसभा सीट से टिकट काटे जाने के बाद सरकार के एससी आयोग से इस्तीफा दे चुके खिलाड़ीलाल बैरवा की नाराजगी की वजह क्या रही, साथ ही अब वे क्या करेंगे। इन सभी बातों का उन्होंने अमर उजाला से खुलकर बताया।
सवाल: आपका टिकट क्यों कटा
उत्तर: देखिए राजनीति में टिकट कटते रहते हैं। लेकिन दुख वाली बात यह थी कि मैं पांच साल एक्टिव रहा, फिर भी मेरा टिकट काट दिया। मैं सिटिंग एमपी था, तब भी मेरा टिकट काट दिया था। हालांकि, पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है। टिकट कटने की मुझे तकलीफ नहीं, लेकिन जिन लोगों ने मेरा साथ दिया उनकी चिंता है। मैं उनसे बात तक नहीं कर पा रहा हूं।
सवाल: कांग्रेस में कई विधायकों के टिकट कटे हैं, इनमें से कई बीजेपी में गए कुछ बसपा में। आपकी क्या रणनीति रहेगी
उत्तर: देखिए पार्टी ने मुझे बहुत दिया है, न तो मैं बीजेपी में जाने वाला हूं और न ही बसपा में। लेकिन जिन लोगों ने मेरा साथ दिया है उनकी मुझे सुननी पड़ेगी। वो मुझे कुंए में गिरने के लिए कहेंगे तो मुझे वह भी करना पड़ेगा। मैं पांच नवंबर को एक बजे बसेड़ी में अपने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करूंगा। जो उनका आदेश मिलेगा, उसके बाद देखा जाएगा।
सवाल: ऐसा कहा जा रहा है कि सीएम अशोक गहलोत की नाराजगी की वजह से आपका टिकट कटा
उत्तर: हो सकता है, गलती मेरी यही रही की सच को सच कहा। गलती यह रही कि 25 सितंबर को जो घटना हुई, उसमें अशोक गहलोत ने अपने फेवर में लोगों से इस्तीफे दिलवाए। महेश जोशी, शांति धारीवाल और धर्मेंद्र राठौड़ के जरिए। मीटिंग सीएमआर में तय थी, इसलिए हम सीएमआर पहुंच गए। इसके बाद पता चला कि विधायक इस्तीफा दे रहे थे। यही मेरा दोष था। गिरराज मलिंगा और राजेंद्र गुढ़ा भी हमारे साथ था। उनकी स्थिति भी देख लो, मैंने तो सन्यास लेने की बात कह दी।
सवाल: सियासी बाड़sबंदी में आप गहलोत के नजदीक थे, फिर क्या बात हुई कि इनती दूरी हो गई
उत्तर: बस बात यह हुई थी कि 25 नवंबर को हमें इस्तीफा देना था और आलाकमान के साथ बगावत करनी थी, वह हम नहीं कर पाए।
सवाल: आगे का रास्ता क्या होगा
उत्तर: पांच तारीख को मेरी विधानसभा में मीटिंग होगी, वहां जो फैसला होगा उसके बाद निर्णय लिया जाएगा।