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Rajasthan Drug Trafficking: एमडी ड्रग का ‘सुपर बॉस’ गिरफ्तार, पांच राज्यों में फैला नेटवर्क बेनकाब

Fri, 16 Jan 2026 04:38 PM IST
सौरभ भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Rajasthan Drug Trafficking: राजस्थान में एएनटीएफ ने एमडी ड्रग तस्करी के मास्टरमाइंड और एक लाख के इनामी टॉप-10 फरार आरोपी रमेश दबोचा को कोलकाता से गिरफ्तार किया। आईजी विकास कुमार ने बताया कि रमेश दबोचा राजस्थान में ड्रग तस्करी का मास्टर माइंड रहा है और इस अवैध कारोबार से उसने फार्म हाउस, मकान और मार्बल फैक्ट्री जैसी करोड़ों रुपये की संपत्तियां अर्जित कीं।
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रमेश दबोचा गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान में एमडी (सिंथेटिक ड्रग) तस्करी के सबसे बड़े नेटवर्क पर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लाख रुपए के इनामी और प्रदेश के टॉप-10 फरार तस्करों में शामिल रमेश दबोचा को गिरफ्तार किया है। आरोपी को पश्चिम बंगाल के कोलकाता से पकड़ा गया। आईजी एएनटीएफ विकास कुमार ने शुक्रवार को जयपुर में प्रेस वार्ता कर इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रमेश दबोचा एमडी ड्रग तस्करी का मुख्य सूत्रधार था और उसके खिलाफ राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना में कुल 36 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

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आपरेशन विषाणुबाहू 
31 वर्षीय रमेश बाड़मेर जिले का निवासी है और बीते करीब आठ वर्षों से फरार चल रहा था। आईजी ने बताया कि यह गिरफ्तारी विशेष अभियान “ऑपरेशन विषाणु बाहु” के तहत की गई है। जांच में सामने आया है कि रमेश महाराष्ट्र की जेल में बंद डॉक्टर बिरजू के संपर्क में आया, जहां से उसने एमडी बनाने का तरीका सीखा। इसके बाद उसने राजस्थान और अन्य राज्यों में अवैध फैक्ट्रियां स्थापित कर बड़े पैमाने पर एमडी का उत्पादन और तस्करी शुरू कर दी।

एमडी ड्रग से खड़ा किया करोड़ों का कारोबार
पुलिस के अनुसार आरोपी करीब एक लाख रुपये की लागत में एक किलो एमडी तैयार करता था, जिसे बाजार में 25 से 30 लाख रुपये तक में बेचा जाता था। इस अवैध कारोबार से उसने फार्म हाउस, मकान और मार्बल फैक्ट्री जैसी करोड़ों रुपये की संपत्तियां अर्जित कीं। जांच में यह भी सामने आया है कि पश्चिमी राजस्थान में हाल के दिनों में पकड़ी गई कई एमडी फैक्ट्रियों के पीछे रमेश और उसके गिरोह की भूमिका थी। जोधपुर, बाड़मेर और सिरोही क्षेत्रों में पकड़ी गई फैक्ट्रियों का संचालन इसी नेटवर्क से जुड़ा पाया गया।

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पहचान छुपाने बना केमिकल व्यापारी
रमेश पहचान छुपाने के लिए लगातार नाम बदलता रहता था। वह अनिल और रामलाल जैसे नामों का इस्तेमाल करता था और कोलकाता में खुद को केमिस्ट्री शिक्षक और केमिकल व्यापारी बताकर रह रहा था। आरोपी फ्लाइट से यात्रा करने का शौकीन था और तस्करी के सिलसिले में अक्सर पुणे और अन्य शहरों की यात्रा करता था। आईजी विकास कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ नशीले पदार्थों की तस्करी के अलावा वाहन चोरी, अवैध शराब, मारपीट, लूट और फिरौती जैसे संगीन अपराध भी दर्ज हैं। उसकी संपत्तियों और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। एएनटीएफ की इस कार्रवाई को एमडी ड्रग तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है।
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