फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजस्थान में पेट्रोल पंपों पर बड़ा एक्शन: 110 पंपों पर मिली अनियमितताएं, 103 नोजल सीज

Thu, 28 May 2026 11:45 AM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राज्यभर में पेट्रोल पंपों पर चले विशेष निरीक्षण अभियान में 226 पंपों की जांच की गई। इनमें 110 जगह अनियमितताएं मिलीं। 60 मामलों में शॉर्ट डिलीवरी पकड़ी गई, जबकि 103 नोजल सीज किए गए। विभाग ने उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए कार्रवाई जारी रखने की बात कही।

विज्ञापन
पेट्रोल पंप निरीक्षण करती हुई टीम - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान में उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल की सही मात्रा उपलब्ध कराने तथा ईंधन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विधिक माप विज्ञान विभाग ने विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। 13 मई से 18 मई तक चले इस अभियान के दौरान राज्यभर में 226 पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण किया गया।
विज्ञापन


110 पेट्रोल पंपों में अनियमितताएं सामने आईं
विभागीय अधिकारियों के अनुसार अधिकांश पेट्रोल पंप निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए और उपभोक्ताओं को सही मात्रा में ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा था। हालांकि जांच के दौरान 110 पेट्रोल पंपों पर विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं सामने आईं, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।

शॉर्ट डिलीवरी से जुड़े 60 मामले पाए गए
निरीक्षण में 60 मामले शॉर्ट डिलीवरी से जुड़े पाए गए। वहीं 103 नोजल सीज किए गए। इसके अलावा 56 मामलों में सत्यापन प्रमाण पत्र प्रदर्शित नहीं किए जाने तथा 16 मामलों में अप्रमाणित माप उपकरणों के उपयोग की शिकायतें सामने आईं।
विज्ञापन


40 मिलीलीटर से लेकर 120 मिलीलीटर तक कमी दर्ज की गई
विभाग ने बताया कि कुछ स्थानों पर ईंधन वितरण में मामूली अंतर निर्धारित सीमा के आसपास पाया गया, जो तापमान, मशीनों की तकनीकी संवेदनशीलता, उपकरणों के कैलिब्रेशन अथवा अन्य परिचालन कारणों से हो सकता है। हालांकि कुछ मामलों में 40 मिलीलीटर से लेकर 120 मिलीलीटर तक की कमी दर्ज की गई, जिसे गंभीर मानते हुए सख्त कार्रवाई की गई।

ये भी पढ़ें-   एक्शन मोड में प्रशासन, हाईवे से हटेंगे 430 से ज्यादा अवैध निर्माण; बुलडोजर चलाने की तैयारी
विज्ञापन


इधर, अधिकारियों ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि पेट्रोल पंप संचालकों को प्रतिदिन '5 लीटर माप' के जरिए डिस्पेंसिंग यूनिट्स की स्वयं जांच करने के लिए प्रेरित करना भी है। साथ ही मशीनों के नियमित रखरखाव और समय-समय पर कैलिब्रेशन कराने पर भी जोर दिया गया है। विधिक माप विज्ञान विभाग ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ता हितों की सुरक्षा, गुणवत्ता नियंत्रण और पारदर्शी व्यापार व्यवस्था बनाए रखने के लिए भविष्य में भी इस तरह के विशेष निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेंगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें