राजस्थान में 'शुद्ध आहार–मिलावट पर वार' अभियान के तहत पांच पैकेज्ड खाद्य उत्पादों की बिक्री, वितरण और प्रदर्शन पर दो महीने का प्रतिबंध लगाया गया है। जांच में उत्पाद असुरक्षित मिले। वहीं, 9 दुकानों-डेयरियों के लाइसेंस निलंबित और जयपुर के तीन संस्थानों का रजिस्ट्रेशन निरस्त किया गया।
राजस्थान सरकार ने खाद्य सामग्री में मिलावट रोकने के लिए चलाए जा रहे 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' अभियान के तहत प्रदेश में पांच प्रमुख पैकेज्ड खाद्य उत्पादों के वितरण, प्रदर्शन और बिक्री पर दो महीने के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। राज्य जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट में ये सभी उत्पाद स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाए गए हैं। प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ और खाद्य सुरक्षा आयुक्त अविचल चतुर्वेदी के निर्देश पर हुई कार्रवाई के तहत मिलावटी सामग्री बेचने वाले विक्रेताओं पर शिकंजा कसा गया है।
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प्रतिबंध के दायरे में आए उत्पाद
फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशिष्ट बैच वाले पांच उत्पादों को प्रतिबंधित किया है। इनमें बालोतरा (बाड़मेर) स्थित दिशा एंटरप्राइजेज का नंदी ब्रांड गाय का घी (बैच नंबर 005) और रीको (बाड़मेर) की सांवरिया इंडस्ट्रीज की रतवाड़ी टी-गोल्डन थार चाय (बैच नंबर 150726) शामिल हैं। इसके अलावा, फाजिल्का (पंजाब) की हिमाया फूड्स प्राइवेट लिमिटेड का जी.एस. गोल्ड लाल मिर्च पाउडर (बैच/लॉट नंबर जी.एस. 31) भी असुरक्षित मिला है। उत्तर-पश्चिम दिल्ली के सरनाथ इंडस्ट्रियल एरिया स्थित के.डी.पी. फूड इंडस्ट्री द्वारा निर्मित के.डी.पी. डेयरी का कृष्णा ब्रांड घी (बैच नंबर डी.के. 1225 और डी.के. 160326) तथा सारस ब्रांड घी (बैच नंबर डी.एस. 030426) भी प्रतिबंध की सूची में हैं।
दुकानों पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई
नमूने विफल होने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित नौ प्रमुख दुकानों और डेयरियों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। इसके साथ ही जयपुर में बिना वैध लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के खाद्य कारोबार चला रहे तीन बड़े संस्थानों का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह निरस्त कर दिया गया है। ये प्रतिष्ठान पूर्व में लाइसेंस निलंबित होने के बावजूद चोरी-छिपे असुरक्षित खाद्य पदार्थ बेच रहे थे। इनमें विद्याधर नगर का एम/एस बालाजी जयका, कूकड़खेड़ा का एम/एस गणपति ड्राईफ्रूट्स और निर्माण नगर स्थित द कंबू कैफे फूड एंड बेवरेजेज शामिल हैं।
ग्राहकों के लिए जरूरी सावधानी
खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने नागरिकों से बाजार से पैकेज्ड सामान खरीदते समय सतर्कता बरतने की अपील की है। खरीदारों को डिब्बे या पैकेट की सील, लेबल पर दर्ज बैच नंबर, मैन्युफैक्चरिंग डेट तथा एक्सपायरी डेट अवश्य जांचनी चाहिए। इसके अतिरिक्त असली ब्रांड से मिलती-जुलती स्पेलिंग वाले फर्जी ब्रांड से सावधान रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी दुकान या ब्रांड के खाद्य पदार्थ में गड़बड़ी की शंका होने पर नजदीकी खाद्य सुरक्षा अधिकारी या हेल्पलाइन पर तुरंत शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। नागरिक आधिकारिक मेडिकल हेल्थ एवं फैमिली वेलफेयर विभाग, राजस्थान पोर्टल तथा FSSAI पोर्टल पर जाकर भी सत्यापन कर सकते हैं।
टेस्टिंग में फेल हुए नौ प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई
टेस्टिंग में सैंपल फेल होने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में स्थित नौ प्रमुख दुकानों और डेयरियों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।
एम/एस हार्दिक ट्रेडर्स (बाखासर, बाड़मेर): मिर्च पाउडर में मिलावट
चाय वाला प्रतिष्ठान (चूरू): तैयार चाय असुरक्षित मिली
शर्मा सेल्स एजेंसीज (रानी बाजार, बीकानेर): फ्राइड मटर के सैंपल फेल
श्री सवाई भोज मिल्क डेयरी (माकड़वाली, अजमेर): दूध असुरक्षित पाया गया
इंडिया मिल्क डेयरी (स्टीफन स्कूल चौराहा, अजमेर): मिलावटी दूध
एम.एस.के. रेजिडेंट (वैशाली नगर, अजमेर): माउथ फ्रेशनर/सौंफ के सैंपल फेल
बजाली मिल्क डेयरी (टोडारायसिंह, टोंक): घी में मिलावट
श्रीजी मिल्क डेयरी (देवली, टोंक): घटिया क्वालिटी का घी
सांवरिया इंडस्ट्रीज (बाड़मेर): चाय पत्ती के सैंपल फेल