राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को सदन में कांग्रेस विधायकों और मार्शल के बीच जोरदार भिडंत हो गई। सरकार के मंत्री अविनाश गहलोत की टिप्पणी से भड़के कांग्रेस विधायक पहले वेल में आए फिर स्पीकर की डायस पर चढ़ गए। स्पीकर को सदन में मार्शन बुलाने पड़े। इसके बाद कांग्रेस विधायकों और मार्शल प्रतिनिधियों के बीच जबरदस्त धक्का-मुक्की हो गई। हंगामे के चलते सदन की कार्रवाई 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
यहां से शुरू हुआ विवाद
प्रश्नकाल के दौरान बीजेपी विधायक अनीता भदेल का सवाल, बीजेपी की ही विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने पूछा। इसमें उन्होंने जिला मुख्यालयों के लिए हॉस्टल एवं पेइंग गेस्ट सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए व्यय की गई राशि के बारे में पूछा था। इस पर मंत्री अविनाश गहलोत जवाब दे रहे थे लेकिन नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने उन्हें टोकते हुए कहा कि अफसर आपको बेवकूफ बना रहे हैं। इस पर गहलोत बोले कि आपकी सरकार में आपकी दादी इंदिरा गांधी के नाम पर योजनाएं रख ली गईं।
इसके बाद जूली भड़क गए। उन्होंने गहलोत से कहा कि आपकी दादी क्या होता है। आप इस तरह से पूर्व प्रधानमंत्री के लिए कैसे बोल सकते हैं। उन्होंने स्पीकर से इसकी शिकायत की, लेकिन स्पीकर ने यह कहते हुए कि यह कोई असंसदीय शब्द नहीं है इसे कार्रवाई से हटाने के लिए मना कर दिया।
इस पर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष और लक्षमणगढ़ विधायक गोविंदसिंह डोटासरा भी भड़क गए और सदन में हंगामा शुरू हो गया। कांग्रेस विधायक विरोध करते हुए वेल में आने लगे तो स्पीकर ने सभी को अपनी सीटों पर जाने के लिए कहा लेकिन कांग्रेस विधायक सरकार से माफी की मांग पर अड़ गए। इधर बीजेपी विधायकों की तरफ से भी जवाबी नारेबाजी शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि गोविंदसिंह डोटासरा स्पीकर की डायस पर चढ़ गए और स्पीकर से ही भिड़ गए। इस पर स्पीकर ने सदन में मार्शल बुला लिए। इसके बाद कांग्रेस विधायकों और मार्शल के बीच सदन में जोरदार भिड़ंत हो गई। स्पीकर ने मामला बिगड़ते देख सदन की कार्रवाई को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया।
डोटासरा के खिलाफ प्रस्ताव लाने पर विचार
संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने इसके बाद सदन के बाहर आकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि संसदीय इतिहास में यहां ऐसा पहली बार हुआ है कि कोई सदस्य विरोध करते हुए स्पीकर की डायस पर ही चढ़ गया हो। उन्होंने कहा कि मंत्री अविनाश गहलोत ने ऐसा कोई असंसदीय शब्द नहीं कहा था। हम सम्मान से दादी, नानी शब्द का इस्तेमाल करते हैं। इसमें विरोध की कहां बात है। पटेल ने कहा कि इस तरह की घटना दोबारा नहीं हो इसके लिए बीजेपी विचार कर रही है कि डोटासरा के खिलाफ सदन में सख्त कार्रवाई को लेकर प्रस्ताव लाया जाए। उन्होंने कहा कि अभी इस पर हम निर्णय कर रहे हैं। इसके बाद हम स्पीकर से निवेदन करेंगे।
सदन के बाहर जूली का बयान
बीजेपी ही सदन नहीं चलाना चाह रही है, सदन के अंदर हम जनता की बात रखने के लिए आते हैं गालियां खाने नहीं। इससे पहले भी इन लोगों के द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ टिप्प्णी की गई थी। सदन में गतिरोध बना, उस दौरान भी हमारे प्रदेशाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा को सदन में गालियां दी गईं। आज जिस तरह से भारत की पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के खिलाफ इस प्रकार की बातें मंत्री कह रहे हैं। मंत्री सदन में जवाब तो नहीं दे पा रहे हैं। हम सदन चलाना चाहते हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम इनकी गालियां सुनेंगे।
डोटासरा बोले
जिस तरह की अमर्यादित भाषा का सदन में प्रयोग किया गया, हमने इंदिरा, तुम्हारी दादी शब्द को हटवाने की ही तो मांग की थी। जब अधिकारियों ने फर्जी आंकड़े दे दिए तो यह शब्द भी एक सेकंड में डिलीट हो सकता है। सदन की कार्रवाई में हमारी दादी इंदिरा गांधी बताना, असंसदीय था। हम पिछले पांच-छह दिनों से देख रहे हैं कि सरकार के लोगों ने स्पीकर को दबाव में ले रखा है और उनसे ऐसे फैसले करवाना चाहते हैं कि विपक्ष बोल ही नहीं सकें।