राजस्थान निकाय चुनाव में नामांकन जांच से कई वार्डों का समीकरण बदला। कहीं प्रत्याशी निर्विरोध जीते, कहीं पर्चा खारिज होने से बीजेपी-कांग्रेस को झटका लगा, बागियों को मनाने की चुनौती बढ़ी।
राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव में अभी मतदान बाकी है, लेकिन कई वार्डों में जीत-हार की तस्वीर पहले ही साफ हो गई है। कहीं किसी प्रत्याशी का नामांकन खारिज होने से मुकाबला खत्म हो गया तो कहीं प्रत्याशी के नाम वापस लेने के बाद दूसरा उम्मीदवार निर्विरोध जीत गया। दूसरी ओर, कई जगह नामांकन खारिज होने से बीजेपी और कांग्रेस को अपने मजबूत दावेदारों से हाथ धोना पड़ा। नामांकन पत्रों की जांच के बाद प्रदेशभर में बड़ी संख्या में पर्चे खारिज हुए हैं। अब 3 सितंबर तक नाम वापसी का मौका है। इसके बाद 4 सितंबर को चुनाव चिह्न आवंटित होंगे और यह तय होगा कि कितने वार्डों में वास्तविक मुकाबला होगा।
सीकर में बीजेपी प्रत्याशी ने नाम वापस लिया, कांग्रेस की माया देवी निर्विरोध
सीकर नगर परिषद के वार्ड 65 में कांग्रेस की माया देवी को बिना चुनाव लड़े ही जीत मिल गई। यहां बीजेपी ने पिंकी पंवार को अधिकृत प्रत्याशी बनाया था, जबकि बीजेपी से ही चूका देवी और निर्दलीय सरिता देवी ने भी नामांकन दाखिल किया था। जांच में चूका देवी का नामांकन खारिज हो गया। इसके बाद बीजेपी की अधिकृत प्रत्याशी पिंकी पंवार और निर्दलीय सरिता देवी ने भी अपना नाम वापस ले लिया। तीनों के मैदान से हटने के बाद कांग्रेस की माया देवी अकेली प्रत्याशी रह गईं और उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। यानी इस वार्ड में कांग्रेस को जीत के लिए वोट मांगने की जरूरत ही नहीं पड़ी।
हिंडोली में बीजेपी का पर्चा खारिज, कांग्रेस को निर्विरोध जीत
बूंदी जिले की हिंडोली नगर पालिका के वार्ड 20 में भी ऐसा ही घटनाक्रम सामने आया। यहां बीजेपी प्रत्याशी जितेंद्र सिंह का नामांकन जांच के दौरान खारिज हो गया। इस वार्ड में सिर्फ बीजेपी और कांग्रेस का ही नामांकन था। जितेंद्र सिंह ने बीजेपी के सिंबल के अलावा निर्दलीय भी नामांकन भरा था। लेकिन दोनों पर्चे खारिज हो गए। इसके बाद मैदान में कांग्रेस के हनुमान व्यास ही बचे। उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जीत का जश्न मनाया, जबकि बीजेपी खेमे में निराशा देखने को मिली।
बीकानेर में कांग्रेस का पर्चा खारिज, बीजेपी को बिना मुकाबले जीत
बीकानेर नगर निकाय चुनाव में तस्वीर उलट रही। वार्ड 69 में कांग्रेस प्रत्याशी ममता सांसी का नामांकन खारिज होने के बाद बीजेपी की लीला गहलोत निर्विरोध निर्वाचित हो गईं। यह वार्ड महिला के लिए आरक्षित था और यहां केवल दो महिला उम्मीदवारों ने नामांकन किया था। कांग्रेस प्रत्याशी का पर्चा रद्द होते ही बीजेपी उम्मीदवार के सामने कोई मुकाबला नहीं बचा। यानी जहां हिंडोली और सीकर में कांग्रेस को फायदा मिला, वहीं बीकानेर में नामांकन खारिज होने का सीधा लाभ बीजेपी को मिला।
डूंगरपुर में कांग्रेस प्रत्याशी का पर्चा खारिज, बीजेपी उम्मीदवार अकेले
डूंगरपुर नगर परिषद के वार्ड 23 में कांग्रेस प्रत्याशी गणेश कटारा का नामांकन खारिज हो गया। इसके बाद बीजेपी के मनन कलासुआ ही मैदान में बचे है।अगर नाम वापसी के दौरान कोई नया समीकरण नहीं बनता है तो यहां भी बीजेपी उम्मीदवार को निर्विरोध जीत मिल सकती है।
हनुमानगढ़ में कांग्रेस को बड़ा झटका
हनुमानगढ़ नगर परिषद में नामांकन खारिज होने से कांग्रेस को तीन वार्डों में बड़ा झटका लगा है। वार्ड 37 से NSUI जिलाध्यक्ष रोहित जावा, वार्ड 31 से लखवीर सिंह और वार्ड 52 से बंशी खन्ना के नामांकन खारिज हो गए। इनमें रोहित जावा का पर्चा खारिज होने के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना दिया और नारेबाजी की। कांग्रेस सेवादल जिलाध्यक्ष अश्विन पारीक ने आरोप लगाया कि रोहित जावा को चुनाव लड़ने से रोका गया। नामांकन खारिज होने के मामले को लेकर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है और विवाद बढ़ता दिखाई दे रहा है।
रावतसर में जेल से भरे दो पर्चे, दोनों खारिज
हनुमानगढ़ जिले की रावतसर नगर पालिका के वार्ड 19 में भी नामांकन प्रक्रिया चर्चा में रही। जेल में बंद भीमसिंह शेखावत ने कांग्रेस प्रत्याशी और निर्दलीय के तौर पर दो नामांकन दाखिल किए थे। जांच में दोनों पर्चे खारिज हो गए। कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर दाखिल नामांकन पार्टी के अधिकृत टिकट से जुड़ी शर्त पूरी नहीं होने के कारण निरस्त हुआ, जबकि निर्दलीय के तौर पर दाखिल नामांकन नगर पालिका अधिनियम के प्रावधान के तहत खारिज किया गया।
कपासन में कांग्रेस को नुकसान
चित्तौड़गढ़ जिले की कपासन नगर पालिका के वार्ड 7 में कांग्रेस प्रत्याशी रुखसाना का नामांकन भी रद्द हो गया। इससे पार्टी को इस वार्ड में झटका लगा है। दौसा जिले में भी नामांकन खारिज होने की संख्या काफी अधिक रही। यहां 538 नामांकन पत्र खारिज होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा लाखेरी के वार्ड 5 में कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त हुआ।नामांकन खारिज होने को लेकर कई जगह राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों ने आपत्ति जताई है। कुछ स्थानों पर धरना-प्रदर्शन भी हुए हैं।
अभी तक सामने आए प्रमुख मामलों में तस्वीर कुछ इस तरह है:
- सीकर वार्ड 65: कांग्रेस की माया देवी निर्विरोध निर्वाचित।
- हिंडोली वार्ड 20: बीजेपी प्रत्याशी का पर्चा खारिज होने के बाद कांग्रेस के हनुमान व्यास निर्विरोध।
- डूंगरपुर वार्ड 23: कांग्रेस प्रत्याशी का पर्चा खारिज, बीजेपी के मनन कलासुआ अकेले मैदान में।
- हनुमानगढ़: कांग्रेस के तीन प्रत्याशियों के नामांकन खारिज, जिससे पार्टी को बड़ा झटका। यहां रावतसर वार्ड 19: जेल में बंद भीमसिंह शेखावत के दोनों नामांकन खारिज।
- कपासन वार्ड 7: कांग्रेस प्रत्याशी रुखसाना का पर्चा खारिज।
इनका कहना है
शिवगंज में वार्ड नंबर 10 से कांग्रेस प्रत्याशी का पर्चा गलत तरीके से खारिज हुआ है जिससे बीजेपी को सीधा-सीधा वॉकओवर मिला है। जिस अधिकारी ने प्रत्याशी को नो ड्यूज दिया था उसी ने नामांकन दाखिल होने के बाद ड्यूज बताते हुए पर्चा खारिज कर दिया। इस मामले में जो विधिय सहायता ले सकते हैं वह लेंगे।
संयम लोढ़ा- पूर्व विधायक, सिरोही
मेरी विधानसभा हिंडोली के वार्ड 69 में बीजेपी के प्रत्याशी का पर्चा खारिज हो गया। यहां सिर्फ दो ही लोगों ने नामांकन दाखिल किया था। इसलिए बीजेपी का पर्चा खारिज होने से कांग्रेस का प्रत्याशी हनुमान प्रसाद निर्विरोध निर्वाचित हो गया। नैनता नगर पालिका में भी बीजेपी का पर्चा खारिज हो गया। अब यहां एक कांग्रेस और एक निर्दलीय है। हालांकि निर्दलीय प्रत्याशी भी कांग्रेस से ही टिकट मांग रहे थे। इसलिए ये दोनों ही कांग्रेस के ही प्रत्याशी हैं।