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राजस्थान निकाय चुनाव: आज 162 निकायों में वोटिंग, 57.5 लाख मतदाता तय करेंगे 5,393 वार्डों का फैसला

Wed, 09 Sep 2026 06:29 AM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान में पहले चरण के निकाय चुनाव में आज 162 निकायों के 5,393 वार्डों में मतदान होगा। 57.5 लाख मतदाता 20 हजार से अधिक उम्मीदवारों की किस्मत तय करेंगे।
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मतदान केंद्रों पर पहुंची ईवीएम मशीनें - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण के लिए आज 9 सितंबर को मतदान होगा। सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक 162 नगरीय निकायों के 5,393 वार्डों में वोट डाले जाएंगे। करीब 57.5 लाख मतदाता 20 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे।

यह चुनाव भले ही पार्षद चुनने के लिए हो रहा है, लेकिन राजनीतिक नजरिए से इसका दायरा काफी बड़ा है। पहले चरण के निकाय चुनाव का असर प्रदेश की 54 विधानसभा सीटों के शहरी और कस्बाई वोट बैंक पर पड़ने वाला है। इन सीटों में BJP के 32 विधायक हैं। ऐसे में आज का मतदान और 14 सितंबर को आने वाले नतीजे कई विधायकों के लिए मिनी विधानसभा चुनाव की तरह देखे जा रहे हैं।

4 नगर निगम समेत 162 निकायों में मतदान

पहले चरण में 4 नगर निगम, 27 नगर परिषद और 131 नगर पालिकाओं में चुनाव हो रहा है। अलवर, भरतपुर, बीकानेर और भीलवाड़ा नगर निगम भी इसी चरण में शामिल हैं। कुल 5,393 वार्डों में करीब 20,623 उम्मीदवार मैदान में हैं। कुछ वार्डों में निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है, लेकिन अधिकांश सीटों पर आज मतदाता अपने पसंदीदा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करेंगे। मतदान वाले क्षेत्रों में आज सार्वजनिक अवकाश रहेगा। मतदाताओं को मतदान केंद्र पर जाते समय वोटर आईडी या निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य पहचान पत्र साथ ले जाना होगा।

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54 विधानसभा सीटों में विधायकों की भी परीक्षा

पहले चरण की सबसे बड़ी राजनीतिक खासियत यह है कि इसके दायरे में आने वाले शहरी और कस्बाई इलाके 54 विधानसभा सीटों से जुड़े हैं। इनमें BJP के 32 विधायक हैं। इसलिए वार्ड का नतीजा केवल पार्षद की जीत-हार तक सीमित नहीं रहेगा। जिस विधायक के इलाके में उसकी पार्टी के ज्यादा प्रत्याशी जीतेंगे, उसे संगठन पर मजबूत पकड़ का राजनीतिक श्रेय मिलेगा। वहीं खराब प्रदर्शन होने पर टिकट बंटवारे, स्थानीय गुटबाजी और जनता की नाराजगी के सवाल भी उठेंगे। यही वजह है कि कई विधायक, पूर्व विधायक और स्थानीय राजनीतिक क्षत्रप पिछले कई दिनों से वार्ड स्तर पर सक्रिय हैं। कई जगह नेताओं ने अपने समर्थक प्रत्याशियों के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।

जयपुर और कोटपूतली-बहरोड़ पर खास नजर

पहले चरण में जयपुर और कोटपूतली-बहरोड़ जिले सबसे ज्यादा राजनीतिक चर्चा में हैं। जयपुर जिले की चौमूं, शाहपुरा, बगरू, चाकसू और दूदू समेत कई विधानसभा सीटों के शहरी-कस्बाई इलाकों में मुकाबला है। वहीं कोटपूतली-बहरोड़ की कोटपूतली, विराटनगर और बानसूर विधानसभा सीटों से जुड़े निकाय क्षेत्रों में भी मुकाबला महत्वपूर्ण है। यहां पार्षदों की जीत-हार के साथ स्थानीय विधायकों की साख भी जुड़ी हुई है। चुनाव के बाद यह सवाल उठेगा कि किस विधायक ने अपने विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के लिए कितनी सीटें जुटाईं।

जयपुर नगर निगम में आज नहीं होगा मतदान

जयपुर शहर के नगर निगम चुनाव पहले चरण में नहीं हैं। जयपुर नगर निगम में दूसरे चरण के तहत 11 सितंबर को मतदान होगा। हालांकि जयपुर जिले की 18 छोटी नगरीय निकायों में आज पहले चरण में मतदान होगा। इसलिए जयपुर जिले में आज भी व्यापक चुनावी गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

कहीं छह-सात दावेदार, कहीं सीधी टक्कर

पहले चरण के चुनाव में मुकाबले की तस्वीर हर जगह एक जैसी नहीं है। कई वार्डों में छह से सात तक दावेदार मैदान में हैं, जबकि कुछ छोटी नगर पालिकाओं में मुकाबला सीधे दो प्रत्याशियों के बीच है। कोटा के सुकेत और धौलपुर के मनियाजां जैसे इलाकों में कुछ वार्डों में छह-सात प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है। वहीं छोटे निकायों में स्थानीय चेहरे, व्यक्तिगत संपर्क और पुराने राजनीतिक समीकरण ज्यादा प्रभावी दिखाई दे रहे हैं।

14 सितंबर को खुलेगा जीत-हार का पिटारा

पहले चरण में हुए मतदान की मतगणना 14 सितंबर को सुबह 8 बजे से होगी। इसी दिन 5,393 वार्डों में किस पार्टी और प्रत्याशी को कितनी सफलता मिली, यह तस्वीर साफ हो जाएगी।इसके बाद 21 सितंबर को निकाय प्रमुखों का चुनाव होगा। यानी पार्षदों के नतीजों के बाद नगर पालिका अध्यक्ष, नगर परिषद सभापति और नगर निगम से जुड़े प्रमुख पदों के लिए भी सियासी जोड़-तोड़ शुरू होगी।

आज EVM में बंद होगी सिर्फ पार्षद की किस्मत नहीं

आज का मतदान स्थानीय सरकार चुनने की प्रक्रिया का पहला बड़ा पड़ाव है, लेकिन इसका राजनीतिक असर इससे कहीं आगे तक जाएगा। 14 सितंबर के नतीजे बताएंगे कि 54 विधानसभा क्षेत्रों में विधायकों की पकड़ कितनी मजबूत है, स्थानीय क्षत्रपों का प्रभाव कितना कायम है और BJP-कांग्रेस समेत दूसरे दलों का जमीनी संगठन कितना सक्रिय है। यानी आज 57.5 लाख मतदाता 5,393 वार्डों का फैसला करेंगे, लेकिन इस फैसले पर नजर सिर्फ प्रत्याशियों की नहीं होगी। विधायक, पूर्व विधायक, स्थानीय नेताओं और राजनीतिक दलों के लिए भी यह अपनी जमीन नापने का दिन है।

 

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