राजस्थान में सामान्य पात्रता परीक्षा (CET) के आधार पर होने वाली भर्ती परीक्षाओं में एक हजार से कम पदों के लिए 25 गुना अभ्यर्थियों को मौका देने की मांग तेजी से उठ रही है। उम्मीदवारों का कहना है कि इससे प्रतियोगिता में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित होगी। वर्तमान में 1000 से कम पदों पर होने वाली भर्तियों में केवल 10 से 15 गुना अभ्यर्थियों को ही परीक्षा के अगले चरण के लिए चुना जाता है। इससे अनेक योग्य अभ्यर्थी पहले चरण में ही बाहर हो जाते हैं।
अभ्यर्थियों का तर्क है कि अगर 25 गुना अभ्यर्थियों को अवसर दिया जाएगा, तो इससे सभी को समान अवसर मिलेगा। योग्य उम्मीदवारों का चयन संभव हो सकेगा। अभ्यर्थियों की इस मांग को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हो रही है और कई लोग इसे समर्थन दे रहे हैं। विभिन्न छात्र संगठनों और अभ्यर्थी संघों ने सरकार से इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल परीक्षा प्रणाली में सुधार होगा, बल्कि युवा प्रतिभाओं को अपने कौशल और ज्ञान के आधार पर आगे बढ़ने का सही अवसर भी मिलेगा। सरकार और संबंधित भर्ती एजेंसियों से उम्मीद है कि वे इस मांग पर विचार करेंगे और योग्य उम्मीदवारों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेंगे।
बोर्ड अध्यक्ष ने दी सफाई
इस मांग को लेकर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष मेजर जनरल आलोक राज ने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा कि सीईटी बेस्ड एग्जाम्स पर नोटिफिकेशन में दिए गए नियम ही लागू होंगे। इन भर्ती परीक्षा में 15 गुना अभ्यर्थियों को ही शामिल किया जाएगा। ये नियम डीओपीटी की ओर से बनाए गए हैं। इन्हें कर्मचारी चयन बोर्ड अपने स्तर पर नहीं बदल सकता। अब जो सीईटी एग्जाम 2024 में होंगे, उनके नियम में जो भी बदलाव होगा, आगे अभ्यर्थियों को उसी आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जाएगा।