राजस्थान में शुक्रवार को मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बैठक में सरकारी विभागों में लंबे समय से लगे तबादला बैन को हटाने को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। इसके साथ ही पेट्रोल-डीजल की बचत, सरकारी खर्चों में कटौती और प्रशासनिक सुधारों पर भी कई अहम निर्णय संभव हैं।
तबादला बैन हटाने पर हो सकती है चर्चा
सूत्रों के अनुसार, कई भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के सामने तबादला बैन हटाने की मांग रखी है। विधायकों का मानना है कि तबादलों पर लगी रोक हटने से प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी और राजनीतिक स्तर पर भी सकारात्मक संदेश जाएगा। बताया जा रहा है कि मंत्रिपरिषद की बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होगी। बैठक के बाद प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से इस संबंध में सर्कुलर भी जारी किया जा सकता है।
पेट्रोल-डीजल बचत पर सरकार का फोकस
बैठक में पेट्रोल-डीजल की बचत और सरकारी खर्चों को कम करने को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद राजस्थान सरकार उत्तर प्रदेश मॉडल की तर्ज पर कई कदम उठाने पर विचार कर रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने अपने काफिलों में वाहनों की संख्या कम की थी। अब संभावना जताई जा रही है कि सरकारी विभागों के लिए भी फ्यूल सेविंग को लेकर नई गाइडलाइन जारी की जाए।
वर्चुअल बैठकों को मिलेगा बढ़ावा
सूत्रों के मुताबिक, सरकारी बैठकों को अधिकतम वर्चुअल मोड में आयोजित करने पर जोर दिया जाएगा। केवल बेहद जरूरी होने पर ही फिजिकल बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए जा सकते हैं। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट, इलेक्ट्रिक वाहनों और साइकिल के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया जा सकता है।
“नो व्हीकल डे” पर भी हो सकती है चर्चा
वित्त विभाग की ओर से मितव्ययता को लेकर नया सर्कुलर जारी करने की तैयारी भी की जा रही है। इसमें सरकारी खर्चों में कटौती, ईंधन की बचत और संसाधनों के सीमित उपयोग पर जोर रहेगा। सूत्रों के अनुसार, सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” लागू करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हो सकती है। इस दिन सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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उत्तर प्रदेश मॉडल पर विचार
उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही इस तरह के कई कदम लागू कर चुकी है। ऐसे में अब राजस्थान सरकार भी प्रशासनिक खर्चों में कमी और ऊर्जा बचत को लेकर नई पहल करने की तैयारी में है।