राजस्थान में सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए प्रचार सोमवार शाम थम गया। सातों सीटों के लिए भाजपा-कांग्रेस समेत कुल 69 प्रत्याशी मैदान में हैं। 13 नवंबर को इनके भाग्य का फैसला करने के लिए मतदान होगा। चुनाव आयोग ने सोमवार को 48 घंटे के 'साइलेंस पीरियड' की घोषणा कर दी। इस दौरान चुनावी रैली, रोड शो और चुनावी सभा आदि प्रचार अभियानों पर प्रतिबंध लागू हो गया।
'एग्जिट पोल' का प्रसारण भी 20 नवम्बर की शाम 6:30 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा। रामगढ़, दौसा, झुंझनूं, सलूम्बर, चौरासी, खींवसर और देवली-उनियारा सीटों पर मतदान के लिए 9 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी नियुक्त किए गए हैं। इनमें केंद्रीय पुलिस बलों की 43 कंपनियां तैनात रहेंगी। 604 मतदान लोकेशन को संवेदनशील माना गया है। सभी विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव के नजरिए से 12 अंतरराज्यीय पुलिस नाके तथा आबकारी विभाग के 11 नाके लगाए गए हैं।
126.24 करोड़ रुपये की अवैध सामग्री जब्त
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीज महाजन ने बताया कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद आयोग के उड़न दस्ते, निगरानी टीमें एवं पुलिस की ओर से 7 जिलों में अब तक कुल 126.24 करोड़ रुपये की नकद राशि और अवैध शराब सहित अन्य सामग्री जब्त की गई है। दौसा जिले में सर्वाधिक 29.58 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध वस्तुओं की जब्ती हुई है। सबसे कम टोंक जिले में 21.99 करोड़ रुपये कीमत की सामग्री जब्त हुई है।