राज्य विधानसभा ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग (मांग संख्या-27) तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग (मांग संख्या-28) की अनुदान मांगों को ध्वनिमत से पारित कर दिया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने बहस का जवाब देते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट, आधारभूत संरचना और मानव संसाधन तीनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे शहरों से लेकर गांव-ढाणी तक चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच में सुधार हुआ है। सदन ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के लिए 158 अरब 55 करोड़ 37 लाख 75 हजार रुपये तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए 61 अरब 30 करोड़ 85 लाख 94 हजार रुपये की अनुदान मांगों को मंजूरी दी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के अनुरूप व्यय
23 नए मेडिकल कॉलेज, 6,400 शैय्याओं की वृद्धि
मंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी की प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की नीति के तहत वर्ष 2016 के बाद राजस्थान में 23 नए चिकित्सकीय महाविद्यालय स्थापित हुए हैं। वर्तमान में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लगभग 10,540 करोड़ रुपये की लागत से 186 नए चिकित्सा संस्थान विकसित किए जा रहे हैं। पिछले दो वर्षों में अस्पतालों में 6,400 शैय्याओं की वृद्धि की गई है और प्रदेश में 20 हजार से अधिक चिकित्सा संस्थान संचालित हो रहे हैं।
चिकित्सा संस्थानों का विस्तार और सुविधाओं में इजाफा
दो वर्षों में 35 हजार से अधिक भर्तियां
मंत्री ने बताया कि दो वर्षों में 35 हजार से अधिक भर्तियां की गई हैं तथा 14 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। नवचयनित कार्मिकों को बिना किसी सिफारिश के ‘राज स्वास्थ्य पोर्टल’ के माध्यम से वरीयता के आधार पर नियुक्ति दी गई है। इससे आदिवासी एवं सीमावर्ती क्षेत्रों सहित सभी इलाकों में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध हुआ है और अधिकांश आघात केंद्र तथा प्रथम रेफरल इकाइयां क्रियाशील हो गई हैं।
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना का विस्तार