सदन के पटल पर वित्त मंत्री दीया कुमारी ने आज ऐताहिसक बजट पेश किया है। इन्होंने इस बजट में किसानों, महिलाओं के साथ-साथ युवाओं और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया है।
युवाओं के लिए क्या रहा खास
राजस्थान में एक साल में 1.25 लाख भर्तियां होंगी। साथ ही युवा अपना उद्यम स्थापित करे, इसके लिए केंद्रीय बजट में स्कीम फॉर फर्स्ट टाइम एंटरप्रेन्योर शुरू की गई है। इसके तहत 25 हजार महिला, एससी-एसटी उद्यमी को लाभ दिलाया जाएगा। युवाओं के लिए प्रदेश में विश्वकर्मा युवा उद्यमी योजना की शुरुआत की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत 2 करोड़ तक के लोन पर 8 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी और 5 लाख रुपए तक की मार्जिन मनी दी जाएगी। इसके लिए 150 करोड़ का प्रावधान।
ये भी खास
बता दें कि 5 हजार से ज्यादा प्रदेश में स्टार्टअप हैं। इन स्टार्टअप से 36 हजार युवा जुड़ रहे हैं। अगले साल 1500 स्टार्ट अप बनाएंगे, 750 से ज्यादा स्टार्टअप को फंडिंग उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं स्टार्टअप को नेटवर्किंग उपलब्ध कराने के लिए हैदराबाद, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु में हेल्प डेस्क बनाई जाएगी। करियर काउंसिलिंग सेंटर की स्थापना की जाएगी।
50 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। कोटा में विश्वकर्मा स्किल इंस्टीट्यूट की स्थापना 150 करोड़ रुपए से की जाएगी। कई स्कूलों, कॉलोजों में सीट बढ़ाई जाएंगी।1500 स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब बनेगी। अलवर, अजमेर, बीकानेर में डिजिटल प्लानेटेरियम बनेंगे। भरतपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर के साइंस सेंटर में इनोवेशन हब की स्थापना होगी
पिछले बजट में क्या-क्या सौगातें दी थी
2024 के राजस्थान बजट में युवाओं और छात्रों पर विशेष ध्यान दिया गया था। जिसमें मेधावी छात्रों को टैबलेट, रोडवेज में भर्तियां, नए आईटीआई और स्कूल, युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट, अटल उद्यमी योजना और 4 लाख नई सरकारी नौकरियां सहित इस बजट में शिक्षा और रोजगार जगत के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गई थी।
वहीं अगर हम शिक्षा की बात करें तो पिछले बजट में दीया कुमारी ने राजस्थान में 40 नए प्राइमरी स्कूल खोलने की घोषणा की थी। इसके साथ ही 100 स्कूलों को और अच्छा बनाया जाने के साथ-साथ 100 स्कूलों में नए विषय पढ़ाए जाने की बात कही गई थी।
हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के लिए मेस भत्ता
इसके साथ ही छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को अब 3000 रुपये मेस भत्ता मिलने की बात कही गई थी। पहले यह 2500 रुपये था, जो अब खिलाड़ियों को अब 4000 रुपये मेस भत्ता मिलने को कहा गया था।