भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने अशोक गहलोत पर जमकर निशाना साधा
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राजस्थान में एक बार फिर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर पलटवार करते हुए व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि गहलोत को अब 'इंतजार शास्त्र' की जगह 'संतोष शास्त्र' को अपने जीवन में उतारना चाहिए। राठौड़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गहलोत का राजनीतिक अध्याय समाप्त हो चुका है और अब युवा पीढ़ी के लिए रास्ता खाली करना ही उनके लिए उचित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे इंतजार में इंसान खुद को खो देता है, इसलिए अब वानप्रस्थ और संन्यास का समय आ गया है।
अशोक गहलोत के नेतृत्व में कमजोर हुई कांग्रेस
मदन राठौड़ ने गहलोत के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी लगातार कमजोर होती गई। जिन राज्यों की ज़िम्मेदारी उन्हें सौंपी गई, वहाँ पार्टी की हालत और बिगड़ी। उनका बार-बार दिल्ली दरबार लगाना इस बात की गवाही देता है कि कांग्रेस में फैसले ज़मीनी स्तर पर नहीं, बल्कि हाईकमान की मर्जी से होते हैं।
कांग्रेस पर लगाया वंशवाद का आरोप
कांग्रेस पर वंशवाद का तीखा आरोप लगाते हुए राठौड़ ने कहा कि नेहरू-गांधी परिवार के इर्द-गिर्द सत्ता का घूमना लोकतांत्रिक सोच के विपरीत है। इससे प्रतिभाशाली और योग्य नेताओं का राजनीतिक विकास अवरुद्ध होता है। उन्होंने कहा कि भाजपा काबिलियत और जनसेवा को ही नेतृत्व की कसौटी मानती है।
भाजपा में महिला नेताओं की टीम तैयार
महिला सशक्तिकरण पर बात करते हुए राठौड़ ने दावा किया कि भाजपा के पास अनुभवी और सक्षम महिला नेताओं की पूरी टीम तैयार है। उन्होंने गहलोत को चुनौती दी कि यदि वे सच में महिला नेतृत्व के हिमायती हैं, तो अपने परिवार से किसी महिला को आगे लाएं।