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राजस्थान विधानसभा: छह कांग्रेस विधायक बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित, डोटासरा और अमीन सहित इनके नाम

Fri, 21 Feb 2025 04:29 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

छह कांग्रेस विधायकों को राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है। इनमें गोविंद सिंह डोटासरा सहित कुल छह लोग शामिल हैं।
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विधानसभा में बैठे विधायक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को हंगामे के बाद स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कांग्रेस के छह विधायकों को निलंबित कर दिया है। हंगामे के चलते तीन बार स्थगित होने के बाद शाम चार बजे सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई। इसमें सत्ता पक्ष की तरफ से मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कांग्रेस विधायकों के निलंबन का प्रस्ताव रखा। यह प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित मान लिया गया। इनमें कांग्रेस विधायक जाकिर हुसैन गेसावत, संजय जाटव, गोविंद सिंह डोटासरा, रामकेश मीणा, अमीन कागजी और हाकम अली खान को शेष बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया है।

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विधानसभा में आज हुए हंगामे के बाद स्पीकर वासुदेव देवनानी ने बड़ा एक्शन लेते हुए कांग्रेस के छह विधायकों को शेष बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया। इनमें विधायक जाकिर हुसैन गेसावत, संजय जाटव, गोविंद सिंह डोटासरा, रामकेश मीणा, अमीन कागजी और हाकम अली खान के नाम शामिल हैं। स्पीकर की व्यवस्था से नाराज कांग्रेस विधायक सदन से निलंबित किए गए सभी छह विधायकों को घेरकर सदन में धरने पर बैठ गए हैं। वहीं, स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया है।

गर्ग ने रखा था यह प्रस्ताव
सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर ने शाम चार बजे सदन में सुबह की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि सदन की परंपरा को भारी नुकसान पहुंचाया गया है, जो अक्षम्य है। इसके लिए उन्होंने कांग्रेस के छह विधायकों का नाम लेते हुए उन्हें निलंबत करने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद स्पीकर ने ध्वनि मत से इस प्रस्ताव को पारित मान कर कांग्रेस विधायकों के निलंबन का एलान कर दिया।
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यह था विवाद?
सुबह प्रश्नकाल के दौरान पूर्व पीएम इंदिरा गांधी को लेकर की गई टिप्पणी के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया था। इसके बाद तीन बार सदन की कार्यवाही स्थगित की गई। शाम चार बजे स्पीकर ने सत्ता पक्ष के प्रस्ताव के बाद आसन के समक्ष अशोभनीय व्यवहार के आरोप में निलंबित कर दिया। प्रश्नकाल के दौरान जबरदस्त बवाल हो गया। सरकार के मंत्री टिप्पणी से भड़के कांग्रेस विधायक पहले वेल में आए, फिर स्पीकर की डायस पर चढ़ गए। स्पीकर को सदन में मार्शल बुलाने पड़े। इसके बाद कांग्रेस विधायकों और मार्शल प्रतिनिधियों के बीच जबरदस्त धक्का-मुक्की हो गई। हंगामे के चलते सदन की कार्रवाई दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

यहां से शुरु हुआ विवाद
मामला प्रश्नकाल के दौरान उठा। बीजेपी विधायक अनीता भदेल का सवाल, बीजेपी की ही विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने पूछा। इसमें उन्होंने जिला मुख्यालयों के लिए हॉस्टल एवं पेइंग गेस्ट सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए व्यय की गई राशि के बारे में पूछा गया था। इस पर मंत्री अविनाश गहलोत जवाब दे रहे थे। लेकिन नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने उन्हें टोकते हुए कहा कि अफसर आपको बेवकूफ बना रहे हैं। इस पर गहलोत बोले कि आपकी सरकार में आपकी दादी इंदिरा गांधी के नाम पर योजनाएं रख ली गईं। इस शब्द पर जूली भड़क गए। उन्होंने गहलोत से कहा कि आपकी दादी क्या होता है। आप इस तरह से पूर्व प्रधानमंत्री के लिए कैसे बोल सकते हैं। उन्होंने स्पीकर से इसकी शिकायत की, लेकिन स्पीकर ने यह कहते हुए इस कार्यवाही से हटाने के लिए मान कर दिया कि यह कोई असंसदीय शब्द नहीं है। 

इस पर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष और लक्षमणगढ़ विधायक गोविंद सिंह डोटासरा भी भड़क गए और सदन में हंगामा शुरू हो गया। कांग्रेस विधायक  विरोध करते हुए वेल में आने लगे। स्पीकर ने सभी को अपनी सीटों पर जाने के लिए कहा। लेकिन कांग्रेस विधायक सरकार से माफी की मांग पर अड़ गए। इधर, बीजेपी विधायकों की तरफ से भी जवाबी नारेबाजी शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि गोविंद सिंह डोटासरा स्पीकर की डायस पर चढ़ गए और स्पीकर से ही भिड़ गए। इस पर स्पीकर ने सदन में मार्शल बुला लिए। इसके बाद कांग्रेस विधायकों और मार्शल के बीच सदन में जोरदार भिडंत हो गई। स्पीकर ने मामला बिगड़ते देख सदन की कार्यवाही को आधा घंटा के लिए स्थगित कर दिया।

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संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल - फोटो : अमर उजाला

संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने कहा, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जब-जब सदन में आते हैं तो हंगामा होता है। वे नेता प्रतिपक्ष को पचा नहीं पा रहे हैं। आज प्रश्नकाल के दौरान सब ठीक चल रहा था। मंत्री अविनाश गहलोत ने आपकी दादी शब्द इस्तेमाल किया था, यह असंसदीय नहीं है। सत्ता पक्ष ने एक राय होकर फैसला किया। डोटासरा और कांग्रेस विधायक स्पीकर की डायस तक पहुंच गए थे। यह कलंकित करने वाला होता, जब स्पीकर ने उन्हें बुलाया था तो वे उग्र और आक्रामक होकर आए। इसलिए उनके खिलाफ एक्शन लेना पड़ा। सदन में धरना देना उनका अधिकार है। लेकिन फिर भी मैं खुले मन से बातचीत को तैयार हूं और मैं खुद बातचीत करने के लिए जाऊंगा। लेकिन कांग्रेस के विधायकों को अपने कृत्य के लिए खेद भी जताना पड़ेगा।

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