विधानसभा में सोमवार को अनुदान मांगों पर बहस के दौरान बीजेपी विधायक एवं पूर्व मंत्री अजय सिंह किलक ने अपनी ही सरकार पर आरोप जड़ दिए। गृह विभाग की अनुदान मांगों पर बहस के दौरान किलक ने कहा- मैं सदन में आरोप लगा रहा हूं कि नागौर एसपी मेरे से व्यक्तिगत दुर्भावना रखते हैं, मेरे कई कार्यकर्ताओं से भी दुर्भावना रखते हैं। यही नहीं उन्होंने थांवला एसएचओ पर भी रिश्वत लेने के आरोप लगाए और कहा कि थांवला क्षेत्र के लोगों ने मुझे बताया कि वहां पर थानेदार पैसा लेकर अवैध बजरी निकलवाते हैं और हर ट्रक से पांच हजार और ट्रैक्टर-ट्रॉली से भी मोटी रकम वसूलते हैं।
किलक ने कहा कि इस मामले की जानकारी मैंने व्यक्तिगत रूप से नागौर एसपी को दी कि थांवला थाना क्षेत्र में थानेदार वैसे लेकर अवैध बजरी खनन करवा रहा है। उन्होंने कहा कि मैंने जब एसपी से बात की तो उन्होंने कहा कि मैं खुद रिश्वत नहीं लेता तो मैंने कहा कि मैं भी रिश्वत नहीं लेता हूं और वहां का विधायक हूं। किलक ने कहा कि बाद में जब मैंने सीएम से इसकी शिकायत की तब जाकर उसे हटाया गया, जबकि नागौर एसपी ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। किलक ने कहा कि थानेदार को वहां से हटाने के बाद भी उसने अपना पैसा वहीं इनवेस्ट कर रखा है। किलक ने बताया कि मेरी विधानसभा में उस थानेदार ने 33 से 35 बीघा बेनामी भूमि खरीदी और उसकी पॉवर ऑफ अटॉर्नी अपने नाम कर ली।