राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि भाजपा सरकार ने उनकी सरकार की महिला सशक्तिकरण योजना को बंद कर दिया। इससे लाखों महिलाएं स्मार्टफोन से वंचित रह गई हैं।
गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वर्तमान सरकार केवल 88,000 टैबलेट बांटने की बात कर रही है। लेकिन उसने उन एक करोड़ 19 लाख चिरंजीवी परिवारों की महिला मुखियाओं को स्मार्टफोन देने की योजना को रोक दिया, जिनके लिए कांग्रेस सरकार ने बजट जारी किया था। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत पहले चरण में 35 लाख महिलाओं को स्मार्टफोन दिए गए थे, लेकिन भाजपा सरकार सवा साल में एक भी नया स्मार्टफोन वितरित नहीं कर सकी।
पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा पर "रेवड़ी संस्कृति" का झूठा प्रचार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह योजना पूरी तरह से रिसर्च और एविडेंस-बेस्ड थी। उन्होंने इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकॉनमिक रिलेशनंस, इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया और भारत सरकार के आईटी मंत्रालय की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इंटरनेट यूजर्स की संख्या में 10 फीसदी की वृद्धि से जीडीपी में 1.08 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है। उन्होंने दावा किया कि यदि प्रदेश में महिलाओं का इंटरनेट इस्तेमाल बढ़ता, तो इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को लाभ मिलता।
गहलोत ने इस योजना को बंद करने को संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन बताया और भाजपा सरकार से इसे फिर से शुरू करने की मांग की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी याद दिलाया कि उन्होंने चुनावी रैलियों में कांग्रेस सरकार की किसी भी योजना को बंद न करने का वादा किया था।प्रदेश की लाखों महिलाएं अभी भी अपने स्मार्टफोन का इंतजार कर रही हैं और सरकार को इसे लेकर जल्द फैसला लेना चाहिए।