राजस्थान पुलिस के केंद्रीय साइबर अपराध थाने ने 6.80 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक यह ठगी ‘बॉस स्कैम’ के जरिए की गई थी, जिसमें साइबर ठगों ने कंपनी के निदेशक का नाम और फोटो इस्तेमाल कर लेखा प्रमुख को भुगतान करने का निर्देश दिया। पुलिस ने पंजाब के भटिंडा निवासी संदीप कुमार और गुजरात के भावनगर निवासी बरैया राम को गिरफ्तार कर जयपुर लाया है। इस मामले में अब तक कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, पुलिस की टीमें दूसरे राज्यों में छापेमारी कर बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।
निदेशक का नाम और फोटो लगाकर भेजा भुगतान का निर्देश
एडीजी साइबर क्राइम वीके सिंह के अनुसार, साइबर ठगों ने कंपनी के निदेशक का नाम और फोटो इस्तेमाल करते हुए लेखा प्रमुख को व्हाट्सएप पर भुगतान करने का निर्देश दिया। इसके बाद आरोपियों ने परिवादी के कंप्यूटर सिस्टम तक पहुंच बनाई। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने व्हाट्सएप वेब पर मौजूद असली निदेशक के नंबर को ब्लॉक कर दिया। इसके बाद उसी नाम और प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल करते हुए अपना मोबाइल नंबर सेव कर लिया। इस तरह लेखा प्रमुख को लगा कि वह कंपनी के निदेशक से ही बातचीत कर रहा है। आरोपियों ने बिना निदेशक की अनुमति के तीन अलग-अलग बैंक खातों में कुल 6.80 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए। ठगी की रकम में से करीब दो करोड़ रुपये पहली लाभार्थी फर्म के बैंक खाते में पहुंचे थे। पुलिस ने इसी फर्म के निदेशक संदीप कुमार को गिरफ्तार किया है।
कमीशन के लालच में किराये पर दिया बैंक खाता
पुलिस के अनुसार संदीप कुमार ने टेलीग्राम के जरिए अपना बैंक खाता किराये पर देने के लिए साइबर अपराधियों से संपर्क किया था। कमीशन के लालच में उसने घटना से करीब 15 दिन पहले एक कॉरपोरेट बैंक खाता खुलवाया था। इसी खाते में ठगी के करीब दो करोड़ रुपये जमा हुए।
आरोप है कि संदीप कुमार ने अपने बैंक खाते की चेकबुक, एटीएम कार्ड, आधार-पैन कार्ड और खाते से जुड़ी सिम साइबर अपराधियों को उपलब्ध करा दी। इसके बाद साइबर अपराधियों ने उसे रींगस बुलाया और एक होटल में ठहराया। वहीं से आरोपियों ने उसके बैंक खाते के लेनदेन को संचालित किया।
10 से 15 हजार रुपये के कमीशन के लालच में दिया खाता
दूसरे आरोपी बरैया राम ने भी कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया था। पुलिस के मुताबिक उसने करीब 10 से 15 हजार रुपये कमीशन के बदले अपना बैंक खाता, हस्ताक्षर किए हुए चेक, पासबुक और एटीएम कार्ड उपलब्ध कराया। बरैया राम के खाते में भी साइबर ठगी की रकम पहुंची थी। पुलिस के अनुसार उसके खाते में आई रकम में से 3.94 लाख रुपये चेक के जरिए निकाले गए।
छह आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी
केंद्रीय साइबर अपराध थाना पुलिस ने इस मामले में अब तक कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब साइबर ठगी में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। इसके लिए राजस्थान पुलिस की टीमें दूसरे राज्यों में भी छापेमारी कर रही हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है कि ठगी की रकम किन-किन खातों में पहुंची और इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। ‘बॉस स्कैम’ के इस मामले में कंपनी के निदेशक की पहचान का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये ट्रांसफर कराने का तरीका सामने आया है।