संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की चयन समिति ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा के 15 अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) कैडर में पदोन्नत करने के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है। राजस्थान सचिवालय में आयोजित यूपीएससी बोर्ड की उच्चस्तरीय बैठक में 54 अधिकारियों के नामों पर विचार-विमर्श के बाद 15 पदों के लिए अधिकारियों के नामों को स्वीकृति प्रदान की गई। राज्य सरकार ने स्वीकृत नामों की सूची अंतिम मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेज दी है। यूपीएससी की यह महत्वपूर्ण बैठक नई दिल्ली के बजाय जयपुर स्थित राजस्थान सचिवालय परिसर में हुई।
बैठक के दौरान कुल 18 रिक्त पदों पर विचार किया गया था, जिनमें से 15 पदों पर पदोन्नति के लिए अधिकारियों का चयन हुआ, जबकि तीन पदों को आरक्षित रखा गया है। चयन समिति की इस सिफारिश से राजस्थान प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों का आईएएस बनने का मार्ग पूरी तरह साफ हो गया है।
पदोन्नति की निर्धारित प्रक्रिया और मानक
राज्य सिविल सेवा कोटा के अंतर्गत राजस्थान प्रशासनिक सेवा के पात्र अधिकारियों को आईएएस कैडर में पदोन्नति दी जाती है। इस स्थापित प्रक्रिया के तहत राज्य सरकार योग्य अधिकारियों की सूची और उनके सेवा संबंधी दस्तावेज यूपीएससी को प्रेषित करती है। इसके बाद संघ लोक सेवा आयोग की चयन समिति अधिकारियों के पिछले रिकॉर्ड और उपलब्ध रिक्तियों की स्थिति के आधार पर नामों की गहन समीक्षा करती है।
कागजातों और अभिलेखों की जांच के पश्चात विभागीय पदोन्नति समिति की औपचारिक प्रक्रिया संपन्न होती है। इस प्रक्रिया में अधिकारियों की पिछली कार्यशैली, सेवाकाल और वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट का सूक्ष्मता से विश्लेषण किया जाता है। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव करते हैं। नियम अनुसार राजस्थान में स्वीकृत कुल आईएएस कैडर पदों में से अधिकतम 33 प्रतिशत पद राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए आरक्षित रहते हैं। राज्य में रिक्त पदों की स्थिति के अनुसार यूपीएससी समय-समय पर चयन समिति की बैठकों का आयोजन करता है।
पदोन्नत होने वाले प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी
इस पदोन्नति सूची में 1988 बैच के 12 अधिकारी और 1999 बैच के तीन अधिकारी शामिल हैं। चयनित अधिकारियों में 1998 बैच के उम्मेद सिंह वर्तमान में कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर के विशिष्ट सहायक हैं। वह चूरू, बूंदी, महवा, सपोटरा और केशोरायपाटन में एसडीएम पद पर रह चुके हैं। 1998 बैच की अंजू राजपाल वर्तमान में मुख्यमंत्री की संयुक्त सचिव हैं और पीपलू में एसडीओ तथा लोकायुक्त कार्यालय में सेवाएं दे चुकी हैं।
इसके अतिरिक्त विवेक कुमार वर्तमान में पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग जयपुर में अतिरिक्त महानिरीक्षक हैं। वह फरवरी 2024 से सितंबर 2024 तक मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव रहे हैं। राजस्थान राज्य सूचना आयोग में सचिव मुकेश कुमार शर्मा भी पदोन्नत हुए हैं। वह मुख्यमंत्री के उप सचिव और मुख्य सचिव कार्यालय में संयुक्त सचिव रह चुके हैं। तकनीकी शिक्षा विभाग में संयुक्त सचिव महेंद्र कुमार शर्मा कई पूर्व मंत्रियों के ओएसडी रह चुके हैं।
प्रशासनिक अनुभव और अन्य चयनित अफसर
वर्ष 1999 बैच के डॉ. भागचंद बघाल वर्तमान में जयपुर विकास प्राधिकरण में अतिरिक्त आयुक्त हैं। वह राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के सचिव भी रहे हैं। वर्ष 1990 बैच के असलम शेर खान अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ विभाग में संयुक्त सचिव हैं। वर्ष 1999 बैच के नरेंद्र कुमार बंसल जयपुर नगर निगम में अतिरिक्त आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं।
जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग उदयपुर में अतिरिक्त आयुक्त और आरएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष महावीर खराड़ी भी पदोन्नत अफसरों में शामिल हैं। 1998 बैच की मेघना चौधरी पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग में अतिरिक्त महानिरीक्षक हैं। इसके अलावा माणिक्य लाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान उदयपुर के निदेशक ओम प्रकाश जैन, राजस्व बोर्ड अजमेर के सदस्य राजेश सिंह, राजस्व बोर्ड अजमेर के सदस्य मदन लाल नेहरा, 1998 बैच के पशुपालन विभाग में संयुक्त सचिव दिनेश कुमार जांगिड़ और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में अतिरिक्त आयुक्त पूनम प्रसाद सागर का नाम भी पदोन्नति सूची में शामिल है।