जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपी कैलाश ने पूर्व में पटवारी भर्ती 2015, जेल प्रहरी परीक्षा, कांस्टेबल भर्ती परीक्षा, दिल्ली पुलिस कांस्टेबल परीक्षा और उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा 2018 दी थी, लेकिन सभी में असफल रहा। वहीं शैक्षणिक रिकॉर्ड में भी उसने कक्षा 10वीं में 53 प्रतिशत, 12वीं में 60 प्रतिशत और स्नातक में 61 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे।
इन तथ्यों से स्पष्ट हुआ कि उसने लीक पेपर पढ़कर ही उपनिरीक्षक परीक्षा 2021 में सफलता पाई। इसी आधार पर उसे 19 सितंबर 2025 को गिरफ्तार कर लिया गया।
गौरतलब है कि इस प्रकरण में अब तक 56 उपनिरीक्षक सहित कुल 127 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एसओजी द्वारा अनुसंधान जारी है और माना जा रहा है कि आगे और भी गिरफ्तारियां संभव हैं।
यह भी पढ़ें- Rajasthan News: ग्राफिक्स से समझें माही बांसवाड़ा परमाणु विद्युत परियोजना, PM मोदी रखेंगे बिजलीघर की आधारशिला