सार
Jaipur News: 10 दिसंबर को होने वाले ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ की तैयारियां जयपुर में अंतिम चरण में हैं। 8,700 से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया है। अधिकारियों ने जेईसीसी में व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रवासी राजस्थानियों को जड़ों से जोड़कर विकास में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर आयोजित किए जा रहे ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ कार्यक्रम की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। 10 दिसंबर को होने वाले इस महत्वपूर्ण आयोजन को लेकर राजधानी जयपुर में व्यापक स्तर पर साफ-सफाई, हरियाली और सजावट का कार्य किया जा रहा है। देश-विदेश में बसे प्रवासी राजस्थानियों और उद्योगपतियों में इस कार्यक्रम को लेकर गहरा उत्साह है। अब तक 8,700 से अधिक लोगों ने अपना पंजीकरण कर कार्यक्रम में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) शिखर अग्रवाल ने शनिवार को कार्यक्रम स्थल जेईसीसी, सीतापुरा पहुंचकर विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने मुख्य समारोह स्थल, सेक्टोरल सेशन हॉल तथा राज्य सरकार की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए तैयार किए जा रहे ‘प्रगति पथ’ का विस्तृत जायजा लिया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य अगले 48 घंटों में पूरी तरह गुणवत्ता के साथ पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं और प्रवासी राजस्थानियों से संवाद कर उनका स्वागत कर रहे हैं।
एसीएस शिखर अग्रवाल ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य प्रवासी राजस्थानियों को उनकी जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ प्रदेश के विकास में उनकी भागीदारी को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि प्रवासियों के समक्ष आने वाली चुनौतियों के समाधान के लिए नई नीति भी तैयार की गई है, जिससे भविष्य में उनकी सहभागिता और आसान होगी।
उद्योग एवं निवेश संवर्धन ब्यूरो (BIP) के आयुक्त सुरेश कुमार ओला ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आयोजन स्थल पर राजस्थान की संस्कृति और समृद्ध विरासत को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जा रहा है, ताकि प्रवासी राजस्थानियों को अपनत्व का अनुभव हो और वे सुखद स्मृतियां लेकर लौटें। निरीक्षण के दौरान जेडीए आयुक्त आनन्दी, रीको एमडी शिवांगी स्वर्णकार, राजस्थान फाउंडेशन की आयुक्त डॉ. मनीषा अरोड़ा, नगर निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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आयोजन में शामिल होने वाले मेहमानों के लिए पर्यटन स्थलों के भ्रमण की विशेष व्यवस्था भी की गई है। पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग और वन विभाग ने इसके लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है। यह आयोजन मुख्यमंत्री की पिछली वर्ष की घोषणा के बाद होने वाला पहला ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ है, जिसका उद्देश्य प्रदेश और प्रवासी समुदाय के बीच मजबूत संबंध स्थापित करना है।