राजस्थान में मानसून का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि दक्षिण-पश्चिम मानसून जुलाई के पहले सप्ताह में प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। हालांकि मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है, लेकिन इसके आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां विकसित हो रही हैं।
जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, अगले कुछ दिनों में मानसून मध्य और पूर्वी भारत में आगे बढ़ेगा और यदि मौजूदा परिस्थितियां बनी रहीं तो जुलाई के पहले सप्ताह में राजस्थान में इसकी एंट्री संभव है।
शुक्रवार को राज्य के पूर्वी भाग में कही कही पर मेघगर्जन व हल्की से मध्यम वर्षा तथा पश्चिमी भाग में कहीं कहीं पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गयी| सर्वाधिक वर्षा अकलेरा (झालावाड़) में 51.0 मिलीमीटर दर्ज की गई। सर्वाधिक अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस फ़लोदी में, सर्वाधिक न्यूनतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस फ़लोदी में तथा निम्नतम न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस पिलानी में दर्ज किया गया | मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले 3 से 5 दिनों तक प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
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बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान
मौसम विभाग ने 26 जून से 9 जुलाई के बीच प्रदेश में कुल वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना जताई है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान दोनों क्षेत्रों में शुरुआती सप्ताह के दौरान बारिश का स्तर सामान्य से नीचे रह सकता है। हालांकि दूसरे सप्ताह में पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में वर्षा गतिविधियों में बढ़ोतरी होने के संकेत हैं।
तापमान में बड़ी राहत के आसार नहीं
बारिश की गतिविधियां बढ़ने के बावजूद अगले दो सप्ताह तक तापमान में बहुत ज्यादा गिरावट की संभावना नहीं है। विभाग का अनुमान है कि अधिकतम और न्यूनतम तापमान अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य के आसपास रहेगा, जबकि उमस और गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है।
पिछले सप्ताह 20% कम रही बारिश
राजस्थान में बीते सप्ताह औसत से करीब 20 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। पूर्वी राजस्थान में वर्षा सामान्य से 34 प्रतिशत कम रही, जबकि पश्चिमी राजस्थान में सामान्य से 3 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।