फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पचपदरा रिफाइनरी पर कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने, गहलोत ने शेयर की 2013 की तस्वीरें, भाजपा ने दिया करारा जवाब

Sat, 04 Jul 2026 07:01 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Rajasthan News: पचपदरा रिफाइनरी को लेकर राजस्थान की सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बयान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक्स पर 2013 के शिलान्यास की तस्वीरें साझा कर भाजपा पर परियोजना को वर्षों तक लटकाने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर चुनावी शिलान्यास और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
 
विज्ञापन
अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर साझा की ये तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पचपदरा रिफाइनरी को लेकर राजस्थान में कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के हालिया बयान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को रिफाइनरी परियोजना के इतिहास की बुनियादी जानकारी तक नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने वर्ष 2013 में हुए शिलान्यास समारोह की तस्वीरें भी साझा कीं।
विज्ञापन


गहलोत बोले- मुख्यमंत्री को परियोजना का इतिहास पढ़ना चाहिए
अशोक गहलोत ने अपने पोस्ट में लिखा कि मुख्यमंत्री पहले भी रिफाइनरी में केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी को लेकर गलत बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री को परियोजना का इतिहास ज्ञात नहीं है तो उन्हें अधिकारियों से सही दस्तावेज और तथ्य मंगवाकर पढ़ने चाहिए। गहलोत ने दावा किया कि पचपदरा रिफाइनरी का वास्तविक शिलान्यास वर्ष 2013 में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और तत्कालीन केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने किया था।

'पांच साल तक ठंडे बस्ते में रही परियोजना'
गहलोत ने आरोप लगाया कि इसके बाद केंद्र और तत्कालीन भाजपा सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लगभग पांच वर्षों तक ठंडे बस्ते में डाल दिया, जिससे इसकी अनुमानित लागत 37 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 80 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए बड़ा नुकसान बताया।
विज्ञापन


26% हिस्सेदारी को बताया दूरदर्शी फैसला
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राजस्थान में रिफाइनरी स्थापित करने के लिए हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) को राजी करना आसान नहीं था। इसी कारण राज्य सरकार ने दूरदर्शिता दिखाते हुए परियोजना में 26 प्रतिशत हिस्सेदारी ली, जिसके बाद एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (एचआरआरएल) के संयुक्त उपक्रम के रूप में इस परियोजना का निर्माण शुरू हुआ।

भाजपा का पलटवार- चुनावी शिलान्यास था, विकास नहीं
गहलोत के आरोपों पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी एक्स पर जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस जनता को गुमराह करना बंद करे। उन्होंने लिखा कि वर्ष 2013 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बिना बजट, पर्याप्त जमीन और पर्यावरणीय मंजूरी के केवल चुनावी लाभ के लिए शिलान्यास किया गया था, जिसे विकास नहीं बल्कि राजनीतिक छलावा कहा जा सकता है।

'भाजपा सरकार ने बचाए हजारों करोड़ रुपये'
राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार द्वारा एचपीसीएल के साथ किया गया समझौता राजस्थान पर भारी वित्तीय बोझ डालने वाला था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में भाजपा सरकार ने इस समझौते पर पुनर्विचार कर राज्य के हजारों करोड़ रुपये बचाए और जनवरी 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परियोजना का वास्तविक कार्यारंभ कराया गया।

यह भी पढें:  'सोशल मीडिया पर छाया है जोधपुर एअरपोर्ट', ऐसा क्यों बोले पीएम मोदी, किस बात की हो रही तारीफ? जानिए

परियोजना में देरी का ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ा
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2018 से 2023 के बीच कांग्रेस सरकार की आंतरिक गुटबाजी और प्रशासनिक सुस्ती के कारण परियोजना की गति प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि जो लोग अब लागत बढ़ने का आरोप लगा रहे हैं, वही परियोजना की धीमी प्रगति के लिए जिम्मेदार हैं।
विज्ञापन


'डबल इंजन सरकार विकास पर विश्वास करती है'
राठौड़ ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार कागजी घोषणाओं के बजाय धरातल पर काम करने में विश्वास रखती है और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पचपदरा रिफाइनरी का निर्माण तेजी से पूरा कर इसे राजस्थान के विकास का नया आधार बनाया जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें