फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan: राजस्थान विवि में छिड़ा सियासी संग्राम, NSUI के हंगामे पर पुलिस का हल्का बल प्रयोग; जानें वजह?

Fri, 03 Apr 2026 01:25 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान विश्वविद्यालय में प्रस्तावित एक कार्यक्रम को लेकर एनएसयूआई और भाजपा आमने-सामने आ गए हैं। एनएसयूआई ने इसे आरएसएस से जोड़कर विरोध जताया, जबकि भाजपा ने इसे नारी सशक्तिकरण कार्यक्रम बताते हुए आरोप खारिज कर दिए हैं।

विज्ञापन
राजस्थान विश्वविद्यालय में संघ के कार्यक्रम को लेकर एनएसयूआई और भाजपा आमने-सामने - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जयपुर के राजस्थान विश्वविद्यालय में 3 अप्रैल को प्रस्तावित एक कार्यक्रम ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। एक तरफ एनएसयूआई ने इस आयोजन को आरएसएस से जोड़ते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है, तो दूसरी तरफ भाजपा ने इन आरोपों को बेबुनियाद और भ्रामक करार दिया है। दोनों पक्षों के बीच यह विवाद अब शैक्षणिक परिसर की सीमाएं लांघकर राजनीतिक अखाड़े में पहुंच गया है।

विज्ञापन


ऐसे आयोजनों से बिगड़ेगा शैक्षणिक माहौल
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि विश्वविद्यालय जैसे शिक्षण संस्थान किसी खास विचारधारा को परोसने का मंच नहीं बन सकते। उनका तर्क है कि शिक्षा का मूल मकसद वैज्ञानिक सोच, स्वतंत्र विचार और लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देना है। उन्होंने आगाह किया कि इस तरह के आयोजनों से परिसर का शैक्षणिक माहौल बिगड़ेगा और छात्रों के बीच वैचारिक खाई पैदा होगी। संगठन ने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले विश्वविद्यालय परिसर में हुई शस्त्र पूजा का भी उन्होंने विरोध किया था।

विज्ञापन

बैरिकेडिंग पर चढ़े छात्र : फोटो अमर उजाला
 

एनएसयूआई ने की निष्पक्षता बनाए रखने की मांग
एनएसयूआई ने प्रशासन से मांग की है कि परिसर की निष्पक्षता बनाए रखी जाए और ऐसे आयोजनों को अनुमति न दी जाए। वहीं, भाजपा ने जयपुर जिला कार्यालय में प्रेस वार्ता कर एनएसयूआई के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा जिला महामंत्री रेखा राठौड़ ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम मरुधरा नारी सशक्तिकरण संगठन द्वारा आयोजित महिला सशक्तिकरण से जुड़ा आयोजन है और इसका आरएसएस से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि एनएसयूआई जानबूझकर इसे आरएसएस से जोड़कर भ्रामक माहौल बना रही है।

भाजपा बोली- माहौल खराब करने की कोशिश
भाजपा ने एनएसयूआई और कांग्रेस पर महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम का विरोध करने को महिला विरोधी मानसिकता का प्रमाण बताया। इसके साथ ही पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि एनएसयूआई के कुछ नेताओं ने फर्जी निमंत्रण पत्र सोशल मीडिया पर वायरल करके माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस और उसका छात्र संगठन राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को अनावश्यक तूल दे रहे हैं।

पुलिस ने किया हल्का बल प्रयोग

एनएसयूआई के द्वारा राजस्थान विश्वविद्यालय में होने वाले कार्यक्रम को लेकर विरोध पुलिस के द्वारा हल्का बल प्रयोग कर एनएसयूआई छात्रों को खदेड़ा एनएसयूआई के कई छात्र गिरफ्तार किए गए, हालांकि पुलिस के द्वारा कोई लाठीचार्ज नहीं किया गया। छात्रों को कहा गया था कि वह अपना प्रदर्शन जो है वह शांतिपूर्ण रखें पर छात्रों के द्वारा बेरीकेटिंग को तोड़ने का बैरीकेटिंग पर चढ़ने का प्रयास किया गया, जिसके चलते पुलिस को भी हल्का बल प्रयोग कर छात्रों को पीछे धकेलना पड़ा।

धरने के दौरान एनएसयूआई के छात्र आरएसएस मुर्दाबाद के नारे लगाते सुनाई दिए। छात्रों का कहना था कि कुछ भी हो जाए, विश्वविद्यालय को संघ की पृष्ठभूमि नहीं बनने देंगे। छात्रों का कहना था कि आज संघ अपना कार्यक्रम कर रहा है कि क्या कल राजस्थान विश्वविद्यालय अपना प्रांगण अलग अलग जातीय सम्मेलनों के लिए देना शुरू करेगा। 

विज्ञापन


राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के आह्वान के बावजूद राजस्थान एनएसयूआई इकाई बड़ी संख्या में छात्रों को जुटाने में नाकाम हो गई, प्रदर्शन के लिए मुट्ठी भर छात्र इकट्ठे हुए थे। हालांकि एकत्रित हुए सभी छात्र एवं छात्र नेता ऊर्जा से भरपूर और उत्साहित नजर आ रहे थे, क्योंकि राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष एनएस यूआई की घोषणा होना अभी बाकी है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें