फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan News: रातभर की मशक्कत के बाद सुबह 4:50 बजे पांचना के जाम गेट खुले, आखिर नहराें तक पहुंचा पानी

Tue, 07 Jul 2026 08:40 AM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर/करौली

सार

करौली के पांचना बांध की तकनीकी खराबी रातभर की मशक्कत के बाद दूर कर दी गई। 20 साल से बंद गेट भी खोला गया, जिससे मंगलवार सुबह नहरों में सिंचाई के लिए पानी छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
पांचना बांध करौली - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लंबे आंदोलन, किसानों के दबाव और सरकार के साथ कई दौर की वार्ता के बाद आखिरकार पांचना बांध का पानी नहरों तक पहुंच गया। सोमवार को पानी छोड़ने के दौरान आई तकनीकी खराबी को जल संसाधन विभाग और एसडीआरएफ की टीमों ने पूरी रात युद्धस्तर पर काम कर दूर किया। मंगलवार तड़के 4:50 बजे उस गेट को भी सफलतापूर्वक खोल दिया गया, जिसमें तकनीकी दिक्कत आ रही थी। इसके बाद निर्धारित लिफ्ट, नहरों और नदी की ओर सभी गेट खोल दिए गए और नहरों में पानी का प्रवाह शुरू हो गया।

विज्ञापन




गौरतलब है कि सोमवार को गेट खोले जाने के बाद देर शाम तक नहरों में पांचना का पानी नहीं पहुंचा तो ग्रामीण क्षेत्रों में तनाव बढ़ने लगा। अफवाहों का दौर शुरू हो गया।  जल संसाधन विभाग, एसडीआरएफ और विशेषज्ञ इंजीनियरों की संयुक्त टीम पूरी रात मौके पर डटी रही। तकनीकी समस्या दूर करने के लिए भरतपुर, बीसलपुर और मथुरा से विशेषज्ञों को भी बुलाया गया। मुख्यमंत्री स्वयं दिल्ली प्रवास के दौरान पूरी स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग करते रहे और अधिकारियों से फीडबैक लेते रहे।

सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि जिन गेटों में पिछले करीब 20 वर्षों से तकनीकी खराबी के कारण संचालन नहीं हो पाया था, उन्हें भी इस अभियान के दौरान चालू कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि इससे भविष्य में जल प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढें- राजस्थान में मानसून का सक्रिय: अगले पांच दिन भारी से अतिभारी बारिश, आठ जिलों में अलर्ट जारी

पांचना बांध का पानी छोड़ने की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से किसान लगातार आंदोलन कर रहे थे। किसानों ने नहरों में समय पर पानी उपलब्ध कराने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किए थे। इसके बाद सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की वार्ता हुई, जिसमें तय समय पर पानी छोड़ने पर सहमति बनी थी। हालांकि रविवार को तकनीकी बाधा आने से पानी का प्रवाह शुरू नहीं हो सका, लेकिन रातभर चले अभियान के बाद समस्या दूर कर दी गई।

अब नहरों में पानी पहुंचने से करौली और आसपास के सिंचित क्षेत्रों के किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि सिंचाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आगे भी तकनीकी निगरानी जारी रहेगी।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें