पाकिस्तानी जासूस हनीफ खान को सीआईडी इंटेलिजेंस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे चार दिन की रिमांड पर भेजा गया है। इंटेलिजेंस को उम्मीद है कि आने वाले चार दिनों में हनीफ खान कई बड़े राज खोलेगा। जांच में यह सामने आ सकता है कि हनीफ खान हिंदुस्तान और पाकिस्तान में किन-किन लोगों से संपर्क में था और इस जासूसी नेटवर्क के लिए उसने कितनी रकम ली थी। इसके अलावा, ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी कौन-कौन सी जानकारियां पाकिस्तान को बेची गईं, कितने पैसों में सौदा हुआ और भारतीय सेना से संबंधित कौन-कौन सी खुफिया जानकारियां उसने पाकिस्तान तक पहुंचाईं—इन सभी का खुलासा इस रिमांड अवधि में होने की उम्मीद है।
आरोपी पर भारतीय सेना से संबंधित गोपनीय जानकारियां पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) को भेजने का आरोप है। सीआईडी इंटेलिजेंस ने इस मामले में स्टेट सीक्रेट एक्ट 1923 के तहत मामला दर्ज किया गया है। सीआईडी इंटेलिजेंस की टीम को हनीफ मीर खान (47), निवासी बासनपिर जुनी, थाना सदर, जो वर्तमान में मोहांगढ़, जैसलमेर में रह रहे हैं, की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जांच में पता चला कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से संपर्क में था।
आईजीपी सीआईडी (सिक्योरिटी) डॉ. विष्णुकांत ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और इसकी गहन जांच जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के बाद कई अहम जानकारियां भी सामने आ सकती हैं। हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर के बाद से सेना और सभी सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी सुरक्षा और चौकसी और बढ़ा दी है।
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राजस्थान पुलिस ने किया ये खुलासा
राजस्थान पुलिस ने बताया है कि हनीफ खान नाम का शख्स पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी कर रहा था। हनीफ खान भारत-पाक सीमा के पास बहला गांव का रहने वाला है। सीमा के पास होने की वजह से उसे सेना की गतिविधियों और मूवमेंट की गोपनीय जानकारी आसानी से मिल जाती थी। पुलिस की जांच में पता चला कि हनीफ खान के पास महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों और सेना की गतिविधियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां थीं। वह ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर से संपर्क में था और सेना की जानकारी उन्हें भेज रहा था।