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OMR Sheet Scam: ओएमआर गड़बड़ी पर गहलोत का पलटवार, सीएम पर जांच एजेंसियों पर दबाव का आरोप

Mon, 26 Jan 2026 03:38 PM IST
सौरभ भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

OMR शीट घोटाला: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) में ओएमआर शीट गड़बड़ी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर तीखा हमला किया है। गहलोत ने आरोप लगाया कि सरकार जांच एजेंसियों पर दबाव बनाकर जांच को 2023 तक सीमित रखना चाहती है। उन्होंने 2026 तक की सभी भर्तियों की निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि युवाओं को न्याय देने के बजाय सरकार राजनीति कर रही है।

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पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत - फोटो : अमर उजाला
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OMR शीट घोटाला:  राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) में ओएमआर शीट गड़बड़ी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बयान पर तीखा पलटवार किया है। गहलोत ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जांच को केवल वर्ष 2023 तक सीमित रखने के लिए जांच एजेंसियों पर दबाव बना रही है।

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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर गहलोत ने लिखा कि मुख्यमंत्री का यह कहना हास्यास्पद और जांच को भटकाने वाला है कि ओएमआर शीट में गड़बड़ी केवल कांग्रेस शासन में हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई व्यक्ति 2019 से 2026 तक एक ही पद पर रहते हुए गड़बड़ी कर रहा था, तो क्या भाजपा सरकार के कार्यकाल (2024-25) में उसने अपराध करना बंद कर दिया होगा?
गहलोत ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले ही मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल को ‘क्लीन चिट’ देने की कोशिश कर रहे हैं और एसओजी पर दबाव बना रहे हैं कि 2024, 2025 और 2026 की फाइलें खोली ही न जाएं। उन्होंने कांग्रेस शासन सहित पिछले 11 वर्षों यानी 2015 से 2026 तक की सभी भर्तियों की निष्पक्ष जांच की मांग की।
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पूर्व मुख्यमंत्री ने जोधपुर के शेरगढ़ उपखंड में सड़क पर मिले रीट भर्ती परीक्षा-2025 के दर्जनों एडमिट कार्ड का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां 100 किलोमीटर तक कोई परीक्षा केंद्र नहीं था, ऐसे में यह गंभीर मामला है और इसकी जांच होनी चाहिए।

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गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार युवाओं को न्याय देने के बजाय केवल राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने गड़बड़ी सामने आने पर सख्त कार्रवाई की थी, RPSC सदस्य सहित 265 से अधिक लोगों को जेल भेजा गया, कठोर कानून बनाए गए और माफिया की संपत्तियां ध्वस्त की गईं। उन्होंने कहा कि अब ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार जांच एजेंसियों पर दबाव डाल रही है कि जांच को 2023 तक ही सीमित रखा जाए, जबकि एसओजी खुद स्वीकार कर चुकी है कि पिछले 11 वर्षों से ओएमआर शीट में गड़बड़ी हो रही थी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को कहा था कि ओएमआर शीट गड़बड़ी का खुलासा वर्ष 2019 में ही हो गया था और उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने इसकी सूचना राजस्थान सरकार को दी थी। उन्होंने सवाल किया था कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने साढ़े चार साल तक इस मामले को दबाए क्यों रखा और यूपी एसटीएफ की सूचना पर कार्रवाई क्यों नहीं की।

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