राजस्थान में छात्रसंघ चुनावों की बहाली को लेकर NSUI ने बड़ा आंदोलन छेड़ने का एलान किया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने रविवार को जयपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि आगामी 5 अगस्त को शहीद स्मारक पर राज्यभर के छात्र एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे, जिसके बाद मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच कर घेराव किया जाएगा।
NSUI का यह आंदोलन राज्य में छात्र लोकतंत्र को पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है, जो वर्तमान में सरकारी अनदेखी का शिकार हो रहा है। संगठन ने सरकार को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही चुनावों की तिथि घोषित नहीं की गई, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप ले सकता है।
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‘छात्र संघ चुनाव युवाओं की भागीदारी का मंच’
प्रेस वार्ता में NSUI प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं हैं। यह युवाओं के राजनीतिक, सामाजिक और नेतृत्व कौशल को निखारने का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक मंच है। वर्तमान सरकार लगातार छात्रों के अधिकारों की अनदेखी कर रही है। यह लोकतंत्र के मूलभूत सिद्धांतों पर आघात है। उन्होंने बताया कि सरकार की चुप्पी और असंवेदनशीलता के कारण NSUI को यह आंदोलन शुरू करना पड़ रहा है। अगर सरकार ने छात्रसंघ चुनावों की तिथि जल्द घोषित नहीं की, तो संगठन इस संघर्ष को राज्यव्यापी जनांदोलन में बदल देगा।
‘शांतिपूर्ण लेकिन निर्णायक आंदोलन होगा’
प्रेस कांफ्रेंस में NSUI के प्रदेश प्रभारी अखिलेश यादव भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि राज्य की युवा आवाज को दबाने की हर कोशिश विफल की जाएगी। यह आंदोलन शांतिपूर्ण तो होगा, लेकिन निर्णायक भी होगा। हम छात्रसंघ चुनावों की बहाली को लेकर कोई समझौता नहीं करेंगे।
यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि छात्रसंघ चुनाव कराना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में लोकतांत्रिक सोच और संस्कृति को जीवित रखने का माध्यम है। NSUI इस आंदोलन को केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक आंदोलन के रूप में देख रही है।
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वरिष्ठ नेताओं और पूर्व छात्र प्रतिनिधियों का मिलेगा समर्थन
प्रेस वार्ता में यह भी जानकारी दी गई कि इस प्रदर्शन में NSUI के साथ-साथ प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व छात्र नेता भी शामिल होंगे। ये सभी मिलकर इस आंदोलन को जन आंदोलन का स्वरूप देंगे। संगठन का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव की बहाली को लेकर हर मंच पर लड़ाई लड़ी जाएगी, चाहे वह सड़क हो या सदन।
‘संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक चुनाव की तिथि घोषित नहीं होती’
NSUI ने स्पष्ट कर दिया है कि यह आंदोलन किसी एक दिन का प्रदर्शन नहीं बल्कि लंबे संघर्ष की शुरुआत है। संगठन का कहना है कि जब तक सरकार चुनाव की तिथि की आधिकारिक घोषणा नहीं करती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। छात्र लोकतंत्र को पुनः स्थापित करना, विश्वविद्यालयों में छात्र नेतृत्व को मान्यता देना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूती देना, इन्हीं तीन बिंदुओं को लेकर NSUI अपनी लड़ाई को आगे बढ़ाएगा।