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Jaipur News: 56 हजार वरिष्ठजनों को तीर्थयात्रा पर भेजेगी सरकार, 23 जुलाई को पहली ट्रेन रामेश्वरम होगी रवाना

Tue, 22 Jul 2025 10:23 PM IST
सौरभ भट्ट न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Jaipur News: इस वर्ष सरकार 56 हजार वरिष्ठजनों को तीर्थयात्रा पर भेजेगी। इसके लिए 23 जुलाई को जयपुर से रामेश्वरम के लिए पहली ट्रेन रवाना होगी। अगले चरण के लिए 10 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे।
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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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राज्य सरकार की बजट घोषणा के अनुरूप इस बार कुल 56 हजार वरिष्ठजन को तीर्थयात्रा का अवसर मिलेगा, जिनमें से 50 हजार को एसी ट्रेन और छह हजार को हवाई जहाज से यात्रा कराई जाएगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने छह जून को वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2025-26 का फीता काटकर शुभारंभ किया था। उन्होंने योजना के तहत प्रथम वातानुकूलित ‘राजस्थान वाहिनी भारत गौरव पर्यटक ट्रेन‘ को दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस एसी ट्रेन से वरिष्ठ नागरिकों ने रामेश्वरम और मदुरई के तीर्थ स्थलों की यात्रा की। 23 जुलाई (बुधवार) को भी एक अन्य ट्रेन जयपुर से रामेश्वरम के लिए रवाना हो रही है।
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तीर्थयात्रा के लिए ऑनलाइन किया जा सकेगा आवेदन
योजना के अगले चरण के तहत देवस्थान विभाग ने फिर से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है, जिसके तहत विभाग की वेबसाइट पर 10 अगस्त तक आवेदन किया जा सकेगा। ऐसे यात्री जिनका चयन विगत वर्षों में हो गया और वे स्वेच्छा से यात्रा पर नहीं गए, उन्हें इस बार शामिल नहीं किया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन के बाद जिला स्तर पर कमेटी द्वारा पात्र लोगों का चयन किया जाएगा। यात्रा के लिए 100 प्रतिशत अतिरिक्त यात्रियों की प्रतीक्षा सूची भी तैयार की जाएगी। चुने गए पात्र लोगों को यात्रा पर भेजा जाएगा। एक ट्रेन में 800 वरिष्ठ जन यात्रा कर सकेंगे।

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15 रेलमार्गों द्वारा लगभग 40 तीर्थस्थलों के हो सकेंगे दर्शन
इस योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को हवाई यात्रा के माध्यम से नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन करवाए जाएंगे। वहीं, रेल यात्रा के द्वारा 15 रेलमार्गों के जरिए लगभग 40 तीर्थस्थलों के दर्शन करने का अवसर मिलेगा। इस बार स्वर्ण मंदिर के अतिरिक्त सिख धर्म के अन्य तीर्थ स्थलों श्री हजूर साहिब (महाराष्ट्र) व पटना साहिब (बिहार) को भी शामिल किया गया है। वरिष्ठजन हरिद्धार, ऋषिकेश, अयोध्या, वाराणसी, सारनाथ, सम्मेदशिखर, पावापुरी, मथुरा, वृंदावन, बरसाना, आगरा, द्धारकापुरी, नागेश्वर, सोमनाथ, तिरूपति, पदमावती, कामख्या, गोवाहाटी, गंगासागर, कोलकाता, जगन्नाथपुरी, कोणार्क, रामेश्वरम, मदुरई, वैष्णोदेवी, अमृतसर, वाघाबार्डर, महाकालेश्वर, उज्जैन-ओंकारेश्वर, त्रयम्बकेश्वर, घृष्णेश्वर, एलोरा, बिहार शरीफ, पटना साहिब, श्री हजूर साहिब नांदेड़ तथा गोवा के मंदिर और अन्य स्थल चर्च आदि की यात्रा कर सकेंगे।
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बुजुर्गों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का भी रखा जाता है विशेष ध्यान
यात्रा के दौरान बुजुर्गों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, भोजन और सहयात्रियों के साथ गरिमामयी व्यवहार का विशेष ध्यान रखा जाता है। ट्रेन में डॉक्टर तथा मेडिकल स्टाफ की सुविधा भी मिलती है। इसके अलावा सभी यात्रियों के ठहरने के लिए होटल, ट्रांसपोर्ट व मंदिर दर्शन की सुविधा के साथ साथ यात्रियों के लिए सुबह-शाम के खाने व नाश्ते की व्यवस्था भी देवस्थान विभाग की ओर से उपलब्ध करवाई जाती है। तीर्थयात्रा के लिए ले जाने वाली ट्रेनों के डिब्बों पर राजस्थानी लोक नृत्य, लोक कलाएं, तीज त्यौंहार के साथ ही राजस्थान के मंदिर, दुर्ग, अन्य पर्यटक स्थल व अभयारण्य भी दर्शाए गए हैं। इनके माध्यम से राजस्थान की कला और संस्कृति की झलक मिलती है।

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