राजधानी जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में शनिवार को कक्षा 4 की नौ वर्षीय छात्रा की चौथी मंजिल से गिरने से हुई मौत की घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) और राजस्थान शिक्षा विभाग ने रविवार को दो अलग-अलग जांच समितियां गठित की हैं।
CBSE ने बनाई दो सदस्यीय जांच समिति
सीबीएसई के अजमेर क्षेत्रीय कार्यालय के क्षेत्रीय अधिकारी श्याम कपूर ने बताया कि चूंकि स्कूल सीबीएसई से मान्यता प्राप्त है, इसलिए एक दो सदस्यीय समिति गठित की गई है। इस समिति में जयपुर के किसी अन्य सीबीएसई स्कूल के एक प्रिंसिपल और अजमेर क्षेत्रीय कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को शामिल किया गया है। यह टीम सोमवार को स्कूल का दौरा करेगी और घटना से जुड़ी लापरवाही तथा सुरक्षा खामियों की जांच करेगी। उन्होंने बताया कि समिति यह भी जांच करेगी कि क्या स्कूल भवन शिक्षा मंत्रालय द्वारा निर्धारित भवन मानकों के अनुरूप बनाया गया है या नहीं।
शिक्षा विभाग ने भी बनाई पांच सदस्यीय समिति
वहीं राजस्थान शिक्षा विभाग ने भी पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता जयपुर प्राथमिक शिक्षा अधिकारी (DEO-Elementary) रामनिवास शर्मा कर रहे हैं।
समिति के अन्य सदस्य हैं
जयपुर DEO (सेकेंडरी) सुनील सिंघल, अतिरिक्त DEO संजय श्रीवास्तव, किरण पथ मानसरोवर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल विशाल तिवाड़ी और महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल मानसरोवर की प्रिंसिपल सीमा विजय। जांच समिति अध्यक्ष रामनिवास शर्मा ने बताया, “हमारी टीम सोमवार को स्कूल का निरीक्षण करेगी। शनिवार को घटना के बाद मैं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ स्कूल पहुंचा था, लेकिन वहां केवल सुरक्षा कर्मी मौजूद थे। प्रिंसिपल, कक्षा अध्यापक या अन्य स्टाफ में से कोई भी नहीं मिला। उनसे फोन पर भी संपर्क नहीं हो सका। पूरी समिति कल दोबारा स्कूल जाएगी।”
ये भी पढ़ें- नीरजा मोदी स्कूल में दर्दनाक हादसा, 5वीं मंजिल से गिरकर छठी कक्षा की छात्रा की मौत; पहुंची पुलिस
एफएसएल और सीसीटीवी जांच जारी
शर्मा ने बताया कि एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम ने मौके से खून के नमूने एकत्र किए हैं और स्कूल से सीसीटीवी फुटेज भी जब्त की जा रही है। उन्होंने कहा कि हम यह भी जांच रहे हैं कि स्कूल भवन निर्माण और संचालन से जुड़े सभी मानक पूरे किए गए हैं या नहीं। सीबीएसई टीम से भी समन्वय किया जाएगा और स्कूल की पंजीकरण और लाइसेंस से जुड़ी जानकारी मांगी जाएगी।
ये है मामला
पुलिस के अनुसार शनिवार सुबह कक्षा 4 की छात्रा ने स्कूल की चौथी मंजिल से छलांग लगा दी। सीसीटीवी फुटेज में वह ऊपरी मंजिल पर जाती और उसके बाद कूदती दिखी। स्कूल स्टाफ उसके चीखने की आवाज सुनकर नीचे पहुंचा, वहां झाड़ियों के बीच बच्ची गंभीर घायल अवस्था में मिली। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने बताया कि गिरने से उसकी पसलियां टूट गईं और आंतरिक अंगों को गंभीर क्षति पहुंची, जिससे उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कर ली गई है।
स्कूल प्रशासन के खिलाफ एफआईआर दर्ज
थाना प्रभारी लखन सिंह खटाना ने बताया कि घटना के बाद मृतका के परिजनों ने मांसरोवर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 के तहत स्कूल प्रशासन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। हम यह जांच कर रहे हैं कि स्कूल की लापरवाही कहां हुई। पीड़िता की कक्षा ग्राउंड फ्लोर पर थी। ऐसे स्कूलों में एक फ्लोर मैनेजर की जिम्मेदारी होती है कि प्राथमिक कक्षाओं के बच्चे ऊपरी मंजिलों पर न जाएं। संभवतः उस समय फ्लोर मैनेजर अनुपस्थित था या अपनी ड्यूटी में लापरवाह रहा। खटाना ने यह भी बताया कि स्कूल भवन 10 मंज़िला बताया जा रहा है, जो शिक्षा मंत्रालय के भवन निर्माण उपनियमों का उल्लंघन है।
शिक्षा मंत्री ने जताया दुख
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर रविवार को मृतका के परिजनों से मिलने पहुंचे और संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुःखद घटना है। बच्ची के माता-पिता गहरे सदमे में हैं। हमारी समितिया जांच कर रही हैं और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।