राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी बांसवाड़ा यात्रा पर तीखा हमला बोला है। जूली ने कहा कि मोदी जी की यह यात्रा प्रदेश की भाजपा सरकार के बेपटरी हुए इंजन को पटरी पर लाने का अंतिम प्रयास है। उन्होंने भाजपा सरकार को दिशाहीन और नाकारा करार देते हुए कहा कि जनता अब समझ चुकी है कि यह सरकार पर्ची और अफसरों के भरोसे कब तक चल सकती है।
जूली ने प्रधानमंत्री द्वारा ईसरदा बांध के लोकार्पण को कांग्रेस सरकार की देन बताया और कहा कि भाजपा सरकार ने कभी इस परियोजना को प्राथमिकता नहीं दी। उन्होंने मांग की कि मोदी जी ईआरसीपी परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करें, ताकि प्रदेश की प्यास बुझ सके।
शिक्षा व्यवस्था पर हमला बोलते हुए टीकाराम जूली ने बताया कि प्रदेश में लैपटॉप, छात्रवृत्ति और यूनिफॉर्म जैसी योजनाओं को बंद कर दिया गया है। 27 लाख छात्र-छात्राओं को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा है। प्रतापगढ़ जैसे आदिवासी जिलों में नामांकन लगातार घट रहा है। बेरोजगारी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि 1.90 लाख बेरोजगारों का भत्ता पांच माह से अटका हुआ है और रोजगार मेलों पर खर्च के बावजूद नौकरी नहीं मिली।
स्वास्थ्य सेवाओं पर जूली ने कहा कि हाल ही में प्रतापगढ़ में एक तहसीलदार की इलाज के अभाव में मौत सरकारी तंत्र की विफलता का प्रमाण है। कई जिला अस्पताल उपकरण और डॉक्टरों की भारी कमी से जूझ रहे हैं।
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किसानों की समस्याओं पर जूली ने कहा कि अतिवृष्टि से 193 मौतें और फसलें चौपट होने के बावजूद राहत नहीं दी गई। खाद की किल्लत और गिरदावरी में लापरवाही किसानों की पीड़ा को और बढ़ा रही है।
कानून-व्यवस्था पर जूली ने कहा कि अपराधी बेखौफ हैं, दलितों पर अत्याचार बढ़े हैं और महिलाएं असुरक्षित हैं। जयपुर और जोधपुर जैसे शहर अपराध के गढ़ बन चुके हैं। जूली ने कहा कि मोदी जी को चाहिए कि वे मुख्यमंत्री से इन मुद्दों पर जवाब मांगें और प्रदेश हित में ईआरसीपी पर स्थिति स्पष्ट करें।
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