Rajasthan Mass Suicide: राजस्थान के दो बड़े शहरों में एक ही दिन सामूहिक आत्महत्या की दो हृदय विदारक घटनाएं सामने आईं। जयपुर और सीकर में कुल आठ लोगों ने आत्महत्या कर ली, जिनमें दो अलग-अलग परिवारों के सदस्य शामिल थे।
राजस्थान के दो बड़े शहरों में शनिवार को सामूहिक आत्महत्याओं के मामले सामने आए हैं। सीकर में एक ही परिवार के पांच लोगों ने और जयपुर में एक परिवार के तीन लोगों ने आत्महत्या कर ली।
घटना का पता तब चला जब सुबह करीब 8 बजे तक फ्लैट का दरवाजा नहीं खुला। मकान मालिक रामगोपाल शर्मा को शक हुआ, क्योंकि परिवार के मुखिया रूपेन्द्र शर्मा रोज सुबह 5 बजे उठ जाते थे। जब कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने परिजनों और पुलिस को सूचना दी।
करणी विहार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। अंदर का नजारा भयावह था। तीनों शव अलग-अलग स्थानों पर पड़े मिले। घर के मुख्य दरवाजे के पास बेटे पुलकित शर्मा (32) का शव मिला। हॉल में पिता रूपेन्द्र शर्मा (63) का शव पड़ा था और कमरे में मां सुशीला शर्मा (58) मृत पाई गईं। पुलिस ने आशंका जताई है कि तीनों ने विषाक्त पदार्थ खाकर आत्महत्या की है। मौके से किसी अन्य संदिग्ध वस्तु की बरामदगी नहीं हुई है।
थाना प्रभारी (CI) हवा सिंह ने बताया कि कमरे में एक टेबल पर अंग्रेजी में लिखा गया सुसाइड नोट मिला है, जिसमें एक परिचित व्यक्ति पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया गया है। सुसाइड नोट के आधार पर परिजनों ने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है।
सीकर में मां ने चार बच्चों संग की खुदकुशी, फ्लैट से मिले सड़े-गले शव
वहीं, सीकर में एक ही परिवार के पांच लोगों ने जहर खाकर जान दे दी। मृतकों में मां किरण देवी और उनके चार बच्चे- तीन बेटे सुमित, आयुष, अवनीश और बेटी स्नेहा शामिल हैं। सभी ने फ्लैट में जहरीला पदार्थ खाकर जान दी। मौके से जहर के 10 पैकेट मिले हैं, इनमें से 8 का इस्तेमाल किया गया था।
जानकारी के अनुसार, पति से अनबन के चलते महिला किरण अपने बच्चों के साथ पालवास रोड स्थित अनिरुद्ध रेजिडेंसी में रह रही थी। 5 लोगों के सुसाइड की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुटी है। आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं चला है।
पुलिस के अनुसार, इन लोगों ने आत्महत्या कुछ दिन पहले ही कर ली थी। शव बुरी तरह से सड़ चुके हैं। फ्लैट से दुर्गंध आने पर बिल्डिंग में रहने वाले दूसरे लोगों ने पुलिस को सूचना दी। स्थिति इतनी गंभीर थी कि अंदर घुसने में भी कठिनाई हो रही थी। दुर्गंध को कम करने के लिए अगरबत्ती और इत्र का उपयोग किया गया, इसके बाद पुलिस टीम अंदर जा पाई।