राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी और वाणिज्यिक सिलेंडरों की कथित राशनिंग को लेकर विपक्षी कांग्रेस ने जोरदार हंगामा किया और शून्यकाल के दौरान सदन से वॉकआउट कर दिया।
मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस विधायक अमित चाचन ने सरकार पर 'दोहरी मार' डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के समय सरकार को लोगों पर बोझ डालने के बजाय सब्सिडी देकर राहत देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संकट के समय सरकार ने गैस की कीमतें बढ़ा दी हैं और लोगों को अपने हाल पर छोड़ दिया है।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने एलपीजी कीमतों में बढ़ोतरी और वाणिज्यिक सिलेंडरों की आपूर्ति पर कथित रोक को लेकर सरकार से सदन में औपचारिक बयान देने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को बढ़ती कीमतों और आपूर्ति की स्थिति पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। जब कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है, तो हम सदन से वॉकआउट कर रहे हैं। इसके बाद कांग्रेस विधायक सदन से बाहर चले गए।
इससे पहले प्रश्नकाल के दौरान जूली और खाद्य मंत्री सुमित गोदारा के बीच तीखी बहस हुई। जूली ने पूछा कि घरेलू एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच क्या राज्य सरकार सब्सिडी देने पर विचार करेगी।
इस पर गोदारा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतें बढ़ी हैं और विपक्ष के नेता भी वैश्विक बाजार की स्थिति से परिचित हैं। उन्होंने कहा कि आम लोगों के लिए गैस की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी, चाहे इसके लिए जो भी करना पड़े।
जूली ने जवाब में कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने बाजार दर अधिक होने के बावजूद 500 रुपये में सिलेंडर उपलब्ध कराया था, इसलिए वर्तमान सरकार को भी राहत देने पर विचार करना चाहिए। इसी दौरान जयपुर के पास आमागढ़ किले तक जाने वाली सड़क के निर्माण और रखरखाव को लेकर भी सदन में तीखी बहस हुई। प्रश्नकाल के दौरान उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा ने यह मुद्दा उठाया, जिस पर वन राज्य मंत्री संजय शर्मा के साथ उनकी बहस हो गई।
शर्मा ने बताया कि आमागढ़ किले तक जाने वाली सड़क वन भूमि से होकर गुजरती है और इसका रखरखाव वन विभाग करेगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आमागढ़ किले और वहां स्थित अंबा माता मंदिर का नवीनीकरण और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। मंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार के समय वर्तमान मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को किले पर धार्मिक ध्वज फहराने से रोका गया था। इस पर रामकेश मीणा ने कहा कि उस समय उन्होंने आंदोलन का नेतृत्व किया था और आरोप लगाया कि आरएसएस के सदस्यों ने वहां भगवा झंडा फहराया था।
आरएसएस का उल्लेख होते ही भाजपा विधायकों ने जोरदार विरोध किया, जिससे सदन में हंगामा हो गया। मंत्री शर्मा ने भी जवाब में रामकेश मीणा के पहले दिए गए कथित बयान का जिक्र किया। बार-बार हो रहे हंगामे पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सवाल पूछिए, लेकिन अनावश्यक विवाद नहीं होने दिए जाएंगे। प्रश्नकाल को प्रश्नकाल ही रहने दें।
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इस बीच भाजपा विधायक अदूराम मेघवाल ने चौहटन कोर्ट परिसर में वकीलों के लिए चैंबर और वादियों के लिए सुविधाओं के निर्माण का मुद्दा उठाया। इस पर कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, लेकिन मामलों के निपटारे की संख्या नए मामलों से ज्यादा होने से लंबित मामलों में कमी आई है। जूली ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि अदालतों के बुनियादी ढांचे से जुड़े सवालों पर मंत्री अक्सर एक जैसे जवाब देते हैं और घोषित परियोजनाओं की समयसीमा स्पष्ट नहीं करते।
पटेल ने जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय केवल दो जिला अदालतें खोली गई थीं, जबकि वर्तमान सरकार ने आठ नई जिला अदालतें शुरू की हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मौजूदा सरकार के दौरान पांच एसीबी अदालतें स्थापित की गई हैं, जबकि पहले केवल एक ही अदालत थी।