राजस्थान की राजधानी जयपुर में मंगलवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक लेबर इंस्पेक्टर को सरेआम गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप किसी पेशेवर अपराधी पर नहीं, बल्कि खुद मृतक के करीबी रिश्तेदार और राजस्थान आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी (RAC) के जवान अजय कटारिया (32) पर है। चौंकाने वाली बात यह है कि अजय को शक था कि उसके जीजा शंकर लाल बलाई के उसकी पूर्व मंगेतर से अवैध संबंध थे। इसी शक और बदले की भावना ने उसे खूनी कदम उठाने के लिए उकसाया।
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सुबह-सुबह घर के बाहर गोलियों से भून डाला
मंगलवार सुबह करीब साढ़े छह बजे का समय था। लेबर इंस्पेक्टर शंकर लाल बलाई अपने घर के भीतर ब्रश कर रहे थे। पत्नी सरोज दूध लेने पास की कॉलोनी में गई थीं और उनके दोनों बच्चे कमरे में सो रहे थे। उसी समय अजय कटारिया एक टैक्सी कार से उनके घर पहुंचा। कार ड्राइवर को वहीं बिठाकर वह नीचे उतरा। जैसे ही शंकर लाल गेट से बाहर आए, दोनों के बीच कुछ मिनटों तक बहस हुई। बहस के बाद अजय ने कार में रखी एसएलआर राइफल निकाली और शंकर लाल पर फायरिंग शुरू कर दी।
शंकर लाल जान बचाने के लिए पास के खाली प्लॉट की ओर भागे, लेकिन अजय ने पीछा करते हुए ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। फायरिंग से शंकर लाल की पीठ, गर्दन और जांघों में गोलियां लगीं और वह करीब 20 मीटर दूर जाकर सड़क पर गिर पड़े।
ड्राइवर और गार्ड भी दहशत में भागे
गोलियों की आवाज सुनते ही टैक्सी का ड्राइवर डर के मारे कार छोड़कर भाग गया और कॉलोनी के गेट पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड को पूरी घटना की जानकारी दी। जब दोनों मौके पर वापस पहुंचे, तब तक अजय वारदात को अंजाम देकर खुद कार लेकर निकल चुका था।
थाने जाकर खुद किया सरेंडर
हत्या करने के बाद अजय कटारिया सीधे जयपुर से फुलेरा थाने पहुंचा। वहां वह राइफल हाथ में लेकर पहुंचा और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से कहा कि मैं शंकर लाल बलाई को मारकर आया हूं। उसे आठ से 10 गोलियां मारी हैं। थानाधिकारी चंद्र प्रकाश यादव ने बताया कि अजय ने वारदात में इस्तेमाल की गई सरकारी एसएलआर राइफल और कारतूस थाने में ही सौंप दिए। पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया।
कई महीनों से मन में पल रही थी दुश्मनी
अजय ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वर्ष 2024 में उसकी सगाई जयपुर पुलिस में तैनात एक महिला कांस्टेबल से हुई थी। यह रिश्ता शंकर लाल के ससुर ने तय करवाया था। लेकिन सगाई के बाद अजय को शक हो गया कि उसकी मंगेतर और शंकर लाल के बीच अवैध संबंध हैं। इस शक को लेकर दोनों के बीच कई बार बहस भी हुई थी।
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जब अजय ने अपनी मंगेतर से आमने-सामने बैठकर बात करने की कोशिश की तो उसने यह कहकर मना कर दिया कि भाईजी (शंकर लाल) बात करने नहीं दे रहे। इस बात ने अजय के शक को और मजबूत कर दिया और कुछ महीनों बाद आपसी सहमति से सगाई टूट गई।
हत्या की पूर्व सूचना खुद मंगेतर को दी
सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि अजय ने वारदात से एक रात पहले ही अपनी पूर्व मंगेतर को फोन कर बताया था कि वह राइफल और 50 कारतूस लेकर आया है और अगली सुबह वह शंकर लाल को मार देगा। यानी यह कोई आवेश में उठाया गया कदम नहीं था, बल्कि पूर्व नियोजित हत्या थी।
मृतक का पारिवारिक जीवन
लेबर इंस्पेक्टर शंकर लाल बलाई की शादी वर्ष 2018 में सरोज से हुई थी। उनके दो बेटे हैं, जिनकी उम्र चार साल और 11 महीने है। वह जयपुर में ही तैनात थे और अपने परिवार के साथ रह रहे थे। घटना के वक्त बच्चे घर में ही थे और पत्नी दूध लेने गई थीं।
पुलिस जांच जारी, सनसनी और आक्रोश का माहौल
फिलहाल पुलिस ने अजय को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। लोगों में आक्रोश है कि दिनदहाड़े आवासीय कॉलोनी में इस तरह की खूनी वारदात हो गई और एक पिता, पति और अधिकारी को सरेआम गोलियों से भून दिया गया। पुलिस अब राइफल की फॉरेंसिक जांच, कॉल डिटेल और मंगेतर के बयान के आधार पर हत्या की गुत्थी को और स्पष्ट करने में जुटी है।