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राजस्थान: फॉरेक्स ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच देकर करोड़ों की ठगी, वीआईपी ट्रेड कंपनी के चार आरोपी गिरफ्तार

Thu, 22 Oct 2026 02:45 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला,जयपुर

सार

राजस्थान के किशनगढ़ में वीआईपी ट्रेड कंपनी के नाम पर कथित फॉरेक्स ट्रेडिंग निवेश घोटाले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, निवेशकों को कम समय में 8 से 12 प्रतिशत तक मुनाफा देने का लालच देकर रकम निवेश कराई जाती थी।
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(प्रतीकात्मक फोटो) - फोटो : ANI
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विस्तार
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राजस्थान के किशनगढ़ में चर्चित वीआईपी ट्रेड कंपनी के नाम पर कथित फॉरेक्स ट्रेडिंग निवेश घोटाले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि कंपनी से जुड़े लोगों ने निवेशकों को कम समय में 8 से 12 प्रतिशत तक मुनाफा देने का लालच देकर निवेश कराया। पुलिस के अनुसार, इस मामले में कंपनी के दो निदेशकों को अजमेर सेंट्रल जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया गया, जबकि दो कथित टीम लीडरों को भी पकड़ा गया है। अनुसंधान के बाद कंपनी के निदेशक लोकेश चौधरी और धीरज गट्टानी तथा टीम लीडर अब्दुल समद को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। चौथे आरोपी हनुमान छणंग से पुलिस पूछताछ कर रही है।
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महिला अपराध अनुसंधान इकाई की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुसंधान अधिकारी आरपीएस प्रियंका कुमावत के नेतृत्व में गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) के सहयोग से गांधीनगर थानाधिकारी अनिल कुमार शर्मा की टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस अब आरोपियों की भूमिका, निवेशकों से जुटाई गई रकम और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।

लग्जरी होटलों में सेमिनार कर निवेशकों को देते थे मुनाफे का लालच

पुलिस जांच में सामने आया कि वीआईपी ट्रेड कंपनी में लोगों से निवेश करवाने के लिए कथित तौर पर योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाता था। आरोपियों ने अलग-अलग लग्जरी होटलों में भव्य सेमिनार आयोजित किए। इन आयोजनों में निवेशकों को कम समय में 8 से 12 प्रतिशत तक मुनाफा देने का लालच दिया जाता था। कंपनी के कथित टीम लीडर नए लोगों को निवेश योजनाओं की जानकारी देते और कम समय में अधिक कमाई का वादा कर उन्हें निवेश के लिए प्रेरित करते थे। इसके साथ ही निवेशकों के जरिये उनके रिश्तेदारों और परिचितों को भी कंपनी की योजनाओं से जोड़ने की कोशिश की जाती थी।
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पुलिस के अनुसार, कंपनी की वेबसाइट पर निवेशकों की ओर से नकद और ऑनलाइन जमा कराई गई राशि को डॉलर के रूप में दिखाया जाता था। इससे निवेशकों को अपनी जमा रकम विदेशी मुद्रा में दिखाई देती थी। जांच दल अब यह पता लगाने में जुटा है कि निवेशकों से कुल कितनी रकम जुटाई गई और इस
नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे। इसके लिए वित्तीय दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

VRFX सॉफ्टवेयर और बाइनेंस वॉलेट के इस्तेमाल की जांच

पुलिस अनुसंधान में सामने आया कि आरोपियों ने ट्रेडिंग की प्रक्रिया को आसान और वास्तविक दिखाने के लिए वीआरएफएक्स नाम से विशेष सॉफ्टवेयर विकसित करवाया था। आरोप है कि इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से निवेशकों को ट्रेडिंग से जुड़ी जानकारी दिखाई जाती थी।
इसके अलावा, जांच के दौरान यूएसडीटी के माध्यम से ट्रेडिंग और निवेश की रकम प्रदर्शित करने के लिए बाइनेंस वॉलेट के इस्तेमाल की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस इन डिजिटल माध्यमों और वॉलेट से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि निवेशकों से जुटाई गई रकम का कितना हिस्सा वास्तव में कारोबार में लगाया गया और शेष राशि का इस्तेमाल किस तरह किया गया। पुलिस के अनुसार, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

ड्रीम कोटा यार्डा कॉलोनी परियोजना भी जांच के दायरे में

पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपियों ने कम कीमत पर खरीदी गई जमीन पर ‘ड्रीम कोटा यार्डा’ के नाम से कॉलोनी विकसित की थी। आरोप है कि इस परियोजना के जरिये भी निवेशकों को आकर्षक प्रस्ताव देकर अधिक रकम लगाने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस के अनुसार, निवेशकों को ट्रेडिंग से मुनाफे का भरोसा देने के साथ जमीन और कॉलोनी से जुड़े प्रस्तावों का भी इस्तेमाल किया जाता था। अब जांच दल यह पता लगा रहा है कि कॉलोनी परियोजना और वीआईपी ट्रेड कंपनी के बीच वित्तीय लेनदेन का क्या संबंध था और दोनों गतिविधियों में निवेशकों की रकम का किस तरह इस्तेमाल हुआ।

गांधीनगर और मदनगंज थानों में 40 मामले दर्ज

वीआईपी ट्रेड कंपनी के खिलाफ किशनगढ़ के गांधीनगर और मदनगंज पुलिस थानों में पीड़ितों की ओर से कुल 40 मामले दर्ज कराए गए हैं। कंपनी के खिलाफ दूसरे राज्यों में भी मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस सभी मामलों और उनसे जुड़े वित्तीय पहलुओं की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों में हरमाड़ा निवासी और वर्तमान में बजरंग कॉलोनी, किशनगढ़ में रहने वाला लोकेश चौधरी, कुचामन सिटी निवासी धीरज गट्टानी, भिश्ती मोहल्ला, गांधीनगर निवासी अब्दुल समद तथा कुचील निवासी और वर्तमान में नारायण विहार कॉलोनी, किशनगढ़ में रहने वाला हनुमान छणंग शामिल है।
पुलिस ने लोकेश चौधरी, धीरज गट्टानी और अब्दुल समद को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है, जबकि हनुमान छणंग से पूछताछ जारी है। मामले में निवेशकों से जुटाई गई कुल रकम, अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका और कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच की जा रही है।
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