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खाद बीज घूसकांड; किरोड़ी का ACB को अल्टीमेटम; आरोप सही हैं तो गिरफ्तार करो, लीक रिपोर्ट पर उठाए सवाल

Fri, 19 Jun 2026 05:22 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने खाद-बीज घूसकांड में एसीबी की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि आरोप सही हैं तो उन्हें गिरफ्तार किया जाए, अन्यथा एजेंसी स्थिति स्पष्ट करे।

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acb ऑफिस पहुंचे किरोड़ी लाल मीणा - फोटो : स्क्रिन ग्रैब
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विस्तार
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एक बार फिर से भजनलाल सरकार और उनके कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा आमने-सामने होते नजर आ रहे हैं। किरोड़ी लाल मीणा ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के डीजी को पत्र लिखा है कि खाद-बीज घूस कांड में उनके उपर लगाए जा रहे आरोपों पर एसीबी स्थिति स्पष्ट करे नहीं तो उन्हें गिरफ्तार किया जाए। मीणा ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए महानिदेशक को पत्र लिखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक मामले में एफआईआर दर्ज होने से पहले ही उससे जुड़ी रिपोर्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिससे जांच की निष्पक्षता और गोपनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।

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डॉ. मीणा ने अपने पत्र में कहा कि 10 जून 2026 को सोशल मीडिया पर एक रिपोर्ट व्यापक रूप से प्रसारित हुई, जिसमें उनके और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए। उनका दावा है कि रिपोर्ट सार्वजनिक होने के समय तक संबंधित मामले में औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी। बाद में ACB की वेबसाइट पर 9 जून 2026 की तारीख से एफआईआर संख्या 155/2026 अपलोड की गई।
किरोड़ी ने सवाल उठाया कि जब जांच प्रक्रिया गोपनीय मानी जाती है तो एफआईआर और जांच से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया तक कैसे पहुंची। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे यह संदेश जाता है कि जांच एजेंसी के भीतर से ही सूचनाएं लीक की जा रही हैं।

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पत्र में उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच ऐसे अधिकारियों से कराई जानी चाहिए जिनकी निष्पक्षता पर कोई सवाल न उठे। उन्होंने सुझाव दिया कि आवश्यकता होने पर जांच किसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी या स्वतंत्र एजेंसी की निगरानी में कराई जाए, ताकि पूरे प्रकरण की विश्वसनीयता बनी रहे।

डॉ. मीणा ने आरोप लगाया कि हाल के समय में ACB की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक पक्षपात की चर्चाएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी की साख बनाए रखने के लिए जरूरी है कि सभी मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता दिखाई दे।

कृषि मंत्री ने ACB महानिदेशक से पूरे मामले की समीक्षा कर जांच प्रक्रिया में हुई कथित चूकों की पड़ताल करने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जांच एजेंसियों पर जनता का भरोसा कमजोर होता है तो भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है।

 

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