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Rajasthan: 'किसी जाति से बैर नहीं'; UGC के विरोध में करणी सेना का शक्ति प्रदर्शन, उग्र आंदोलन की चेतावनी

Mon, 03 Aug 2026 01:13 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

बीकानेर के देशनोक से निकली राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की स्वर्ण न्याय यात्रा जयपुर पहुंची। यात्रा के दौरान यूजीसी के प्रस्तावित नियमों को वापस लेने और भर्ती प्रक्रिया में योग्यता व पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई। संगठन सोमवार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेगा।
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यूजीसी रोलबैक के लिए स्वर्ण समुदाय एकत्रित हुआ - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के प्रस्तावित नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की 'स्वर्ण न्याय यात्रा' रविवार को जयपुर पहुंच गई है। यात्रा के अंतिम चरण में कालवाड़ रोड स्थित रावण गेट (206 बीघा) पर स्वर्ण समाज के सैकड़ों लोग और बड़ी संख्या में युवा एकत्र हुए। यहां सभा आयोजित कर यूजीसी के प्रस्तावित नियमों को वापस लेने की मांग उठाई गई।
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यह यात्रा बीकानेर जिले के देशनोक स्थित करणी माता मंदिर से राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना के नेतृत्व में शुरू हुई थी। यात्रा के जयपुर पहुंचने के बाद उन्होंने कहा कि सोमवार को संगठन का प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेगा।

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किसी जाति या समुदाय के खिलाफ नहीं है आंदोलन- महिपाल मकराणा
सभा को संबोधित करते हुए संगठन से जुड़े युवाओं ने कहा कि उनका आंदोलन किसी जाति या समुदाय के खिलाफ नहीं है। उनका उद्देश्य केवल योग्यता आधारित व्यवस्था और अपने अधिकारों की मांग करना है। इधर, युवाओं ने कहा, 'हमारी किसी भी जाति या समुदाय से न लड़ाई है, न बैर है, न भेदभाव है। यदि कोई हमारे बराबर खड़ा होता है तो उससे भी हमें कोई आपत्ति नहीं है। हम केवल अपने अधिकार और अपने बच्चों के भविष्य के लिए समान अवसर की मांग कर रहे हैं।' सभा में मौजूद लोगों ने उच्च शिक्षा में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और किसी भी नीतिगत बदलाव से पहले व्यापक चर्चा करने की भी मांग की। संगठन का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे और व्यापक रूप दिया जाएगा।
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