राजस्थान सरकार के मंत्री महेश जोशी ने अपने ऊपर लगाए गए आरोप को निराधार बताया। जोशी ने किरोड़ी लाल मीणा की नीयत पर ही सवाल खड़े करते हुए कहा कि वो शायद किसी निजी फायदे के लिए यह सब कर रहे हैं।
जोशी ने बताया कि डीपीआर जल शक्ति मंत्रालय को भेजा। बिना केंद्र सरकार की अनुमति से काम नहीं होता। राज्य सरकार काम करवाती है। किरोड़ी लाल मीणा की फितरत है बेवजह के आरोप लगाना। वो 20 हजार करोड़ की बात कर रहे हैं, परंतु हकीकत है कि 16500 करोड़ कि ही काम योजना के तहत किए गए हैं,
जिसके चलते 31 लाख कनेक्शन दिए हैं।
अगर डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को कोई भी आपत्ति थी तो दी क्यों नहीं। जोशी बोले कि आज तक कोई भी आपत्ति नहीं मिली है। जोशी बोले कि हमने 20 हजार करोड़ की निविदाएं निरस्त की हैं। अगर कोई भी शिकायत है तो मुझे बताना चाहिए। सिर्फ गजेंद्र सिंह को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं। डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, जोशी बोले कि टेंडर तय करने में मंत्री की कोई भूमिका नहीं होती है।
मानहानि का मुकदमा भी करेंगे
जोशी ने कहा कि हम जरूरत पड़ने पर मानहानि का मुकदमा भी करेंगे। जोशी ने बताया कि जिस अनुभव पत्र की बात डॉ. किरोड़ी कर रहे हैं वो हमने अपने अधिकारी को भेजकर जांच कारवाई थी। अनुभव पत्र सही पाया गया था, परंतु हम फिर से जांच करवाएंगे अगर फर्जी सर्टिफिकेट मिला तो हम उस अधिकारी और उक्त कंपनी के खिलाफ कारवाई करेंगे। जोशी ने कि डॉ. किरोड़ी लाल मीणा पुलिस रिपोर्ट करवाने गए हैं वो पुलिस का अधिकार क्षेत्र है कि वो रिपोर्ट लिखे या नहीं, इसके लिए कोई मंत्री जिम्मेदार नहीं है।