जेएलएफ के अंतिम दिन आज फिल्म निर्माता इम्तियाज अली ने अपनी फिल्मों और जीवन के अनुभवों को लेकर बात की। फिल्म समीक्षक अनुपमा चोपड़ा के साथ बातचीत में इम्तियाज ने बताया कि उनकी फिल्मों की कहानियां अक्सर अनजाने में ही लिखी जाती हैं। "जब वी मेट" की कहानी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनके जीवन के कई व्यक्तिगत अनुभव उनकी फिल्मों में झलकते हैं। उन्होंने कहा कि वैसे तो वे कोई बायोपिक नहीं बनाना चाहते हैं लेकिन यदि कोई बनाई तो अमीर खुसरो पर बनाना पसंद करेंगे।
फिल्मों में संगीत के महत्व पर जोर देते हुए इम्तियाज ने ए.आर. रहमान और प्रीतम जैसे संगीतकारों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि संगीत ने उनकी कहानियों को नए आयाम दिए हैं। इम्तियाज ने कहा- क्योंकि मैं फिल्में बनाता हूं इसलिए झूठ नहीं बोलता और अपनी फिल्मों के माध्यम से सच्चाई को दर्शाने का प्रयास करता हूं।
अपनी चर्चित फिल्मों तमाशा, हैरी मीट सेजल, और रॉकस्टार पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सफलता का जश्न मनाया जाता है, लेकिन असफलता इंसान को गहराई से सिखाती है। उन्होंने माना कि असफलताओं ने उन्हें एक बेहतर कहानीकार और इंसान बनने में मदद की है। इस सत्र के दौरान निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा भी मंच पर आए और इम्तियाज के गाने मटरगश्ती की प्रशंसा की।
अंत में इम्तियाज अली ने कहा कि जयपुर जैसी जगह पर वे झूठ नहीं बोल सकते और अपनी फिल्मों के माध्यम से सच्चाई को दर्शाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने महाभारत जैसी बड़ी कहानियां न लिखने की बात कहते हुए कहा कि उनकी कहानियां दर्शकों से जुड़ने में सक्षम हैं।