जयपुर के झोटवाड़ा थाना पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर ठगी, साइबर फ्रॉड और लूटपाट की वारदातों को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय गिरोह ‘मेवात टारगेट गैंग’ का पर्दाफाश करते हुए उसके सरगना शाकिब उर्फ कालू सहित तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित छह राज्यों में सक्रिय था तथा इसके सदस्यों के खिलाफ तीन दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि 13 मई को झोटवाड़ा निवासी मुकेश मीणा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कालवाड़ रोड स्थित एक एटीएम बूथ में दो युवकों ने बातचीत में उलझाकर उसका एटीएम कार्ड बदल लिया और बाद में खाते से रकम निकाल ली। शिकायत के आधार पर झोटवाड़ा थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
तीनों आरोपी हरियाणा के पलवल और नूंह से
जांच के दौरान पुलिस ने करीब 700 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। लगातार निगरानी और मुखबिर तंत्र की सहायता से पुलिस ने शाकिब उर्फ कालू, आंदल और ताहिर हुसैन उर्फ कौआ को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपी हरियाणा के पलवल और नूंह जिले के निवासी हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 98 एटीएम और डेबिट कार्ड, नकदी, मोबाइल फोन, फर्जी नंबर प्लेट तथा वारदात में प्रयुक्त बलेनो कार बरामद की है। पूछताछ में आरोपियों ने राजस्थान समेत विभिन्न राज्यों में करीब पांच दर्जन वारदातें करना स्वीकार किया है। गिरोह के सदस्य विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और कम तकनीकी जानकारी रखने वाले लोगों को निशाना बनाते थे।
ये भी पढ़ें- Rajasthan: पीड़िता को सीतापुर से लाया दिल्ली, फिर ढकेल दिया शोषण के दलदल में; नाबालिग की आपबीती ने चौंकाया
आरोपी एटीएम बूथ में मदद करने के बहाने प्रवेश कर पीड़ित का पिन नंबर देख लेते थे और बाद में कार्ड बदलकर रकम निकाल लेते थे। कई मामलों में विरोध करने पर पीड़ितों से जबरन कार्ड छीनकर भी फरार हो जाते थे।
सरगना शाकिब पर विभिन्न थानों में 16 से अधिक मुकदमे दर्ज
पुलिस के अनुसार गैंग के सरगना शाकिब का लंबा आपराधिक इतिहास है। वह पहले भी दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में कई बार गिरफ्तार हो चुका है। वर्ष 2022 में बगरू थाना क्षेत्र में उसे 103 एटीएम कार्ड और तीन स्वाइप मशीनों के साथ पकड़ा गया था। उसके खिलाफ राजस्थान के विभिन्न थानों में 16 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।