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जेई भर्ती पेपर लीक मामला: एसओजी की हिरासत में मास्टरमाइंड, नेटवर्क की परतें खुलीं, करोड़ों की डील का पर्दाफाश

Mon, 20 Apr 2026 07:40 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

जेई भर्ती पेपर लीक मामले में एसओजी को बड़ी सफलता मिली है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क और करोड़ों की वसूली का खुलासा हुआ है।
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एसओजी की हिरासत में जेई भर्ती पेपर लीक का मुख्य आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान में कनिष्ठ अभियंता (जेई) संयुक्त भर्ती परीक्षा-2020 के पेपर लीक प्रकरण में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को बड़ी सफलता मिली है। मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी भीम सिंह को 17 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया। उसे न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जहां उससे गहन पूछताछ जारी है।

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अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल के अनुसार दिसंबर 2020 में आयोजित जेई भर्ती परीक्षा पेपर लीक के चलते निरस्त कर दी गई थी। इसके बाद 12 सितंबर 2021 को पुनः परीक्षा आयोजित हुई, लेकिन जांच में सामने आया कि इस परीक्षा का प्रश्नपत्र भी पहले ही लीक कर दिया गया था। इसी आधार पर 19 जनवरी 2026 को एसओजी थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान पहले ही गिरोह के सरगना जगदीश बिश्नोई सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण में सामने आया कि आरोपी भीम सिंह इस पूरे नेटवर्क का अहम हिस्सा था। वह कोचिंग संस्थान संचालित करता था और जयपुर में ऑनलाइन परीक्षा के लिए कंप्यूटर लैब भी चलाता था।
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आरोपी ने अपने साथियों गणपत मालवाड़ा और भूपेन्द्र सारण के साथ मिलकर अभ्यर्थियों को जयपुर में एकत्रित किया। इसके बाद उन्हें सैमसंग टैबलेट और एप्पल आईपैड के माध्यम से लीक प्रश्नपत्र पढ़ाया जाता था। परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को उनके केंद्रों तक भेज दिया जाता था। इस पूरे खेल के बदले प्रत्येक अभ्यर्थी से 25 से 30 लाख रुपये वसूले जाते थे, जिन्हें गिरोह के सदस्यों में बांट दिया जाता था।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी मोबाइल के बजाय टैबलेट का इस्तेमाल करता था ताकि एक साथ कई अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ाया जा सके। बरामदगी के दौरान एक टैबलेट उसकी बेटी से भी जब्त किया गया है। प्राथमिक जांच से यह भी खुलासा हुआ है कि भीम सिंह पहले भी जेई भर्ती, सीएचओ भर्ती, राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती और हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती जैसे कई पेपर लीक मामलों में शामिल रहा है और पूर्व में गिरफ्तार हो चुका है।
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एसओजी अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र किस स्रोत से लीक हुआ और किन-किन अभ्यर्थियों को इसका लाभ मिला। पूरे गिरोह के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

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