जयपुर के रामनगरिया थाना क्षेत्र में मोमोज बेचने वाली एक युवती के झुलसने का मामला सामने आया है। पीड़िता रेशु गुप्ता (27) ने आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मी द्वारा उसके मोमोज स्टीमर को धक्का देने से खौलता पानी उसके शरीर पर गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई। घटना 19 जून की शाम करीब पौने सात बजे जगतपुरा के महल रोड पर हुई बताई जा रही है।
प्रतापनगर स्थित व्यास अपार्टमेंट में रहने वाली रेशु गुप्ता ने बताया कि वह रोजाना की तरह अपना मोमोज कार्ट लगा रही थी। उसी दौरान पुलिस की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और कार्ट हटाने के लिए कहा। रेशु के अनुसार उसने पुलिसकर्मियों को बताया कि वह कार्ट हटा रही है और स्टीमर में गर्म पानी उबल रहा है। इसके बावजूद एक पुलिसकर्मी ने स्टीमर को धक्का दे दिया, जिससे उबलता पानी उसके ऊपर गिर गया।
रेशु ने बताया कि हादसे में उसकी छाती का एक हिस्सा, हाथ और जांघ बुरी तरह झुलस गए। उसने कहा कि दर्द से चीखने के बावजूद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसकी कोई मदद नहीं की और वहां से चले गए। बाद में उसकी बड़ी बहन खुशबू गुप्ता उसे स्कूटी से अस्पताल लेकर गई।
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पीड़िता रेशु गुप्ता बीएससी है, वर्ष 2020 में पिता की मृत्यु के बाद घर की आर्थिक व्यवस्था बिगड़ जाने के चलते कई जगह नौकरी की, पर जब नौकरी से काम नहीं चला तो दोनों बहनों ने मिलकर यह तय किया कि खुद का काम करेंगे और हेल्दी मोमोज बनाएंगे, इन्होंने आटे के मोमोज बनाने का काम शुरू किया था। मात्र 15 दिन ही हुए थे कि हादसा हो गया।
पीड़िता का आरोप है कि घटना की रात वह वकील के साथ रामनगरिया थाने पहुंची थी लेकिन तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई। रेशु और उसकी बहन खुशबू ने आरोप लगाया कि बाद में समझौते का दबाव बनाया गया तथा शिकायत दर्ज कराने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
वहीं जयपुर पूर्व की पुलिस उपायुक्त रंजीता शर्मा ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की है। प्रथम दृष्टया फुटेज में धक्का देने की बात स्पष्ट नजर नहीं आई है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए अन्य फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उस समय ड्यूटी पर मौजूद कर्मियों की पहचान कर ली गई है। पुलिस ने पीड़िता पर किसी भी प्रकार का दबाव बनाने के आरोपों से इंकार करते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।