राजधानी जयपुर के भांकरोटा क्षेत्र में अजमेर-जयपुर हाइवे पर एलपीजी टैंकर में ब्लास्ट के बाद अभी तक इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि एसएमएस अस्पताल में 29 घायलों का इलाज चल रहा है। इनमें से 15 घायलों की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
मामले को लेकर सवाई मान सिंह अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर सुशील भाटी ने बताया, जैसे ही हादसे की जानकारी मिली, वैसे ही अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं कर दी गई थी। अभी भी कुछ घायलों की स्थिति काफी गंभीर है। यह आम बर्न का केस नहीं है। क्योंकि कुछ घायल ऐसे भी भर्ती हैं, जिनका श्वसन तंत्र यानी सांस लेने की नली भी डैमेज हो गई है। क्योंकि गर्म स्मोक ने श्वसन तंत्र को नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में इस तरह के घायलों की स्थिति काफी विकट हो जाती है।
पांच घायल अभी भी अज्ञात
डॉ. सुशील भाटी ने बताया कि एसएमएस अस्पताल में अभी तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि एक घायल की मौत पहले ही जयपुरिया अस्पताल में हुई है। उन्होंने बताया कि इनमें से अभी भी पांच घायल ऐसे हैं, जिनके बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है। ऐसे में उनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा डिपार्टमेंट ऑफ इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की भी मदद की जा रही है, ताकि इन लोगों की पहचान की जा सके। इसके अलावा एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।
50 फीसदी बर्न
अस्पताल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, हादसे के बाद 43 लोगों को इलाज के लिए एसएमएस अस्पताल में लाया गया था। इनमें से 29 घायलों का इलाज अभी भी अस्पताल में चल रहा है। इनमें से 15 घायल ऐसे हैं, जो 50 फ़ीसदी से अधिक झुलस गए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि आमतौर पर अधिक बर्न हो जाने के कारण घायल में इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
रिटायर्ड आईएएस लापता
वहीं, इस हादसे के दौरान रिटायर्ड आईएएस करणी सिंह लापता हैं। बताया जा रहा है कि करणी सिंह सुबह हादसे वाली रोड से निकले थे और उसके बाद उनका मोबाइल स्विच ऑफ है। दरअसल, सुबह में अपने फार्म हाउस से घर लौट रहे थे। राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ एसएमएस अस्पताल, जयपुर पहुंचकर जयपुर-अजमेर राजमार्ग पर हुए हादसे में घायलों का कुशलक्षेम जाना और संबंधित अधिकारियों व डॉक्टर्स से बातचीत की।