कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब के पार्टी प्रभारी सचिन पायलट ने अपने 49वें जन्मदिन पर टेरिटोरियल आर्मी में शामिल होने के दिनों को याद किया। उन्होंने अपनी यूनिट 124 सिख रेजिमेंट का हिस्सा होने पर गर्व जताया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में पायलट ने वर्ष 2012 के उस दिन को याद किया, जब तत्कालीन सेनाध्यक्ष जनरल विक्रम सिंह ने उन्हें टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्रदान किया था।
संतुलन बनाना आसान नहीं था
सचिन पायलट ने लिखा कि केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य करते हुए सेना में कमीशन प्राप्त करना बेहद चुनौतीपूर्ण और जिम्मेदारी से भरा अनुभव था। जनता के प्रति जवाबदेही और सेना की सेवा के लिए जरूरी अनुशासन एवं समर्पण के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने इस सफर को पूरे संकल्प और गर्व के साथ पूरा किया।
पायलट ने सितंबर 2012 में केंद्रीय मंत्री रहते हुए टेरिटोरियल आर्मी में प्रवेश किया था। इसके बाद उन्हें कैप्टन पद पर पदोन्नत किया गया। अक्टूबर 2023 में उन्होंने मेजर पद के लिए परीक्षा उत्तीर्ण की और वर्तमान में वे मेजर के पद पर हैं। वह हर वर्ष अपनी आवंटित यूनिट दिल्ली कैंट जाकर कुछ समय के लिए सेवाएं देते हैं और बैठकों में भी हिस्सा लेते हैं।
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पंजाब के प्रभारी बने हैं पायलट
हाल ही में कांग्रेस ने सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया है। ऐसे में 124 सिख रेजिमेंट से उनके जुड़ाव और उस पर जताए गए गर्व का पंजाब से उनके संबंध के संदर्भ में भी खास महत्व है। सचिन पायलट की पारिवारिक पृष्ठभूमि भी सेना से जुड़ी रही है। उनके पिता राजेश पायलट राजनीति में आने से पहले भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर थे। उन्होंने फाइटर पायलट के रूप में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान कई हवाई अभियानों में हिस्सा लिया था।
क्या है टेरिटोरियल आर्मी
टेरिटोरियल आर्मी स्वयंसेवी सैन्य सेवा है, जिसमें भर्ती की प्रक्रिया नियमित सेना की तरह ही कठिन होती है। इसके लिए अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता और मेडिकल फिटनेस परीक्षा पास करनी होती है। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों को सेना की ओर से आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाता है।
आपात स्थिति या युद्ध के समय टेरिटोरियल आर्मी के अधिकारियों और जवानों को ड्यूटी पर बुलाया जा सकता है। यह व्यवस्था देश की सुरक्षा जरूरतों के दौरान नियमित सेना को अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।